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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ साइबर अपराध थाना पुलिस ने बैंक खाते के जरिए देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की आई4सी परियोजना के तहत मिले इनपुट के आधार पर की गई। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पोर्टल से मिली सूचना, शुरू हुई जांच
पुलिस को समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्रतिबिम्ब पोर्टल पर सूचना मिली कि कुज्जू क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते में संदिग्ध लेनदेन हो रहा है। इस सूचना के आधार पर साइबर अपराध थाना रामगढ़ में 28 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एमएसएमई योजना के तहत खुलवाया गया खाता
जांच के दौरान पता चला कि संबंधित खाता एमएसएमई योजना के तहत “श्री गणेश इंटरप्राइजेज” के नाम से खोला गया था। खाते के प्रोपराइटर के रूप में राहुल गुप्ता, रवि कुमार वर्मा और अजय शर्मा का नाम सामने आया। सत्यापन में मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने इनसे पूछताछ की।
देश के कई राज्यों में दर्ज हैं 274 शिकायतें
पुलिस के अनुसार इस खाते से जुड़े लेनदेन को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में 274 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, झारखंड समेत कई राज्य शामिल हैं। इससे अंदेशा है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा के कहने पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था। इसके बदले उन्हें 1.20 लाख रुपये दिए गए थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नए खाते खुलवाने, ओटीपी साझा करने, मोबाइल बैंकिंग सक्रिय कराने और खातों की जानकारी व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करते थे।
मोबाइल जांच में मिले अहम सुराग
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल की जांच की तो उसमें कई संदिग्ध गतिविधियों के प्रमाण मिले। इनमें अलग-अलग सिम कार्ड, बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, क्यूआर कोड, आधार और पैन कार्ड से जुड़े दस्तावेज और लेनदेन से संबंधित व्हाट्सएप मैसेज शामिल हैं।
छह मोबाइल और 11 सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से छह एंड्रॉयड मोबाइल और 11 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनसे गिरोह के नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में साइबर अपराध थाना रामगढ़ में बीएनएस 2023 और आईटी एक्ट 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। साइबर थाना और तकनीकी शाखा की टीम इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
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