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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ प्रखंड के नरोत्तमपुर पंचायत स्थित रामचंद्रपुर पहाड़िया टोला में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक कैफे संचालक कई महीनों से लोगों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दे रहा था और इसके बदले उनसे हजारों रुपये वसूल रहा था। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने योजना बनाकर आरोपी को बुलाया और पकड़कर मुफ्फसिल थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
2 हजार से 10 हजार रुपये तक वसूले जाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कैफे संचालक हेमंत कुमार ने गांव के कई लोगों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का भरोसा दिलाया था। इसके बदले उसने अलग-अलग लोगों से 2 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक लिए। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मान्य जन्म प्रमाण पत्र मिल जाएगा, लेकिन जब इन प्रमाण पत्रों को आधार सेंटर में सत्यापन के लिए ले जाया गया तो उन्हें फर्जी और अमान्य बताया गया। इसके बाद लोगों को ठगी का एहसास हुआ।

ग्रामीणों ने बनाया प्लान, बुलाकर दबोच लिया
फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। उन्होंने और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की बात कहकर हेमंत कुमार को गांव बुलाया। जैसे ही वह पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर सदर अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी ली और प्रारंभिक जांच के बाद युवक को मुफ्फसिल थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

पैसे वापस कराने और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मुफ्फसिल थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपी से वसूली गई रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव के कई लोग इस कथित ठगी का शिकार हुए हैं और सभी के साथ न्याय होना चाहिए। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए और इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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