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News Samvad : भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली गई ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। जिस खिलाड़ी को टूर्नामेंट के दौरान अब तक एक भी अर्धशतक नहीं मिला था, उसने सबसे बड़े मैच में मैदान पर उतरते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और हर गेंदबाज पर दबाव बना दिया। उन्होंने चौकों और छक्कों की बारिश करते हुए सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। यह पारी इतनी विस्फोटक थी कि श्रीलंका ए के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नजर नहीं आया।
11 गेंदों में पूरा किया पचास
वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले 50 रन बनाने के लिए सिर्फ 11 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 5 छक्के निकले। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना अर्धशतक भी छक्का लगाकर पूरा किया। मैदान पर आते ही वैभव ने साफ कर दिया कि उनका इरादा लंबी पारी खेलने से पहले गेंदबाजों पर हमला करने का है। उन्होंने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया और श्रीलंका के गेंदबाजों की लाइन और लेंथ बिगाड़ दी। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था कि हर गेंद बाउंड्री के पार जाने वाली है।
पहले मिले थे ताने, अब बल्ले से दिया जवाब
फाइनल से पहले भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान वैभव सूर्यवंशी को श्रीलंका के कुछ खिलाड़ियों की ओर से ताने सुनने पड़े थे। मैदान पर उन्हें कहा गया था, “ये आईपीएल नहीं है, घर जाओ।” फाइनल में वैभव ने उन बातों का जवाब शब्दों से नहीं बल्कि अपने बल्ले से दिया। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजों पर शुरुआत से हमला बोला और ऐसी पारी खेली जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी देखकर साफ था कि वह आलोचनाओं और टिप्पणियों का जवाब अपने प्रदर्शन से देना जानते हैं।
94 रन की धमाकेदार पारी
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ अर्धशतक ही नहीं लगाया, बल्कि अपनी शानदार बल्लेबाजी को आगे बढ़ाते हुए 94 रन की शानदार पारी भी खेली। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने भारत ए को मजबूत शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इस तरह की बल्लेबाजी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। वैभव की तेजतर्रार शुरुआत के कारण श्रीलंका ए की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई।
लिस्ट ए क्रिकेट में बनाया नया इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान इतिहास भी रच दिया। उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक बनाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड के वीरा रत्ने के नाम था, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। वैभव ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इतना ही नहीं, वह भारत की ओर से लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। फाइनल में खेली गई उनकी यह पारी अब रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो चुकी है और भारतीय क्रिकेट के लिए एक खास उपलब्धि बन गई है।
बड़े मंच पर दिखाया बड़ा दम
कई खिलाड़ी लीग चरण में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबलों में चमकना हर किसी के बस की बात नहीं होती। वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया कि उनमें बड़े मैचों का खिलाड़ी बनने की क्षमता है। श्रीलंका के खिलाड़ियों की टिप्पणियों के बाद सभी की नजरें उन पर थीं और उन्होंने उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया। 11 गेंदों में अर्धशतक और 94 रन की धमाकेदार पारी ने यह साफ कर दिया कि वैभव सिर्फ भविष्य के सितारे नहीं हैं, बल्कि मौजूदा समय में भी मैच का रुख बदलने की ताकत रखते हैं।
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