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News Samvad : ईरान के साथ जारी तनाव और संघर्ष के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी काफी मजबूत कर दी है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बताया है कि इस क्षेत्र में उसके कई बड़े युद्धपोत, सैकड़ों लड़ाकू विमान और हजारों सैनिक तैनात हैं। इस तैनाती को ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखते हुए अमेरिका पूरी तरह सतर्क है।
तीन बड़े युद्धपोतों के साथ भारी सैन्य शक्ति तैनात
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पश्चिम एशिया में यूएसएस लिंकन, यूएसएस फोर्ड और यूएसएस बुश जैसे तीन बड़े युद्धपोत तैनात किए गए हैं। यह बेहद शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर हवाई और समुद्री अभियान चलाए जा सकते हैं। इनके साथ करीब 200 लड़ाकू विमान भी तैनात हैं। इनमें एफ-18, सुपर हॉर्नेट, एफ-35सी जैसे आधुनिक फाइटर जेट शामिल हैं। इसके अलावा 18जी ग्रोलर विमान भी मौजूद हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यानी दुश्मन की संचार और रडार प्रणाली को बाधित करने में सक्षम हैं।
हॉकआई, सी हॉक और ओस्प्रे भी तैनात
अमेरिका ने सिर्फ लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि हॉकआई अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट भी तैनात किए हैं, जो दुश्मन की गतिविधियों पर दूर से नजर रखते हैं। सी हॉक हेलीकॉप्टर समुद्री अभियानों के लिए लगाए गए हैं, जबकि सीएमवी ओस्प्रे डिलीवरी एयरक्राफ्ट लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए काम कर रहे हैं। समुद्री ताकत को और मजबूत करने के लिए निमित्ज क्लास और फोर्ड क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर समेत कुल 12 युद्धक जहाज तैनात किए गए हैं। इनके साथ लगभग 15 हजार नाविक और मरीन्स भी मौजूद हैं।
2003 के बाद पहली बार इतनी बड़ी तैनाती
जानकारों के अनुसार, साल 2003 के बाद पहली बार अमेरिका ने पश्चिम एशिया में एक साथ तीन बड़े युद्धपोत तैनात किए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका इस बार किसी भी स्थिति के लिए पूरी तैयारी में है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अमेरिका शांति और स्थिरता की बात कर रहा है, लेकिन इतनी बड़ी सैन्य तैनाती क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। अमेरिका ने यहां ईरान की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी और नाकाबंदी जैसी स्थिति बना रखी है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। युद्धविराम होने के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं और शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं।
पाकिस्तान पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi इस्लामाबाद दौरे पर पहुंचे हैं। वह अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव को कम करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर कूटनीतिक बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अराघची पाकिस्तान, ओमान और रूस का दौरा करेंगे। इन यात्राओं का मकसद इन देशों के साथ बेहतर समन्वय बनाना और मौजूदा हालात पर चर्चा करना है।
अमेरिका से सीधे बातचीत की फिलहाल योजना नहीं
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, फिलहाल ईरान की अमेरिका के साथ सीधे बातचीत की कोई योजना नहीं है। अराघची इस दौरे के दौरान अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात भी नहीं करेंगे। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान इस समय संपर्क माध्यम की भूमिका निभा सकता है और ईरान की बात अमेरिका तक पहुंचाने का काम करेगा।
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