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Ranchi : एक मां के लिए उसकी संतान ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी होती है। चाहे वह संतान जन्म से हो या दिल से अपनाई गई हो, ममता में कोई फर्क नहीं होता। डोरंडा की नाहिद परवीन ने भी यही किया था। अपनी सूनी गोद को भरने के लिए उन्होंने करीब 15 साल पहले एक बच्ची को गोद लिया। उसे बेटी की तरह पाला, पढ़ाया-लिखाया, हर खुशी देने की कोशिश की और अपना पूरा जीवन उसके नाम कर दिया। लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि जिस बेटी को उन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा समझा, वही एक दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगी। आज नाहिद परवीन इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी मौत को पहले बाथरूम में गिरने से हुआ हादसा बताया गया, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो हर कोई सन्न रह गया। यह हादसा नहीं, एक सोची-समझी हत्या थी। और इस हत्या की साजिश में सबसे बड़ा नाम उनकी अपनी गोद ली हुई बेटी का था।
एक बेवा मां, जिसकी दुनिया सिर्फ उसकी बेटी थी
नाहिद परवीन एक पेंशनभोगी बेवा यानी विधवा महिला थीं। पति की मौत के बाद उनके हिस्से में अकेलापन आया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके खाते में पीएफ की राशि थी और नियमित पेंशन भी मिलती थी। आर्थिक रूप से वह संभली हुई थीं, लेकिन मन का खालीपन उन्हें हमेशा महसूस होता था। क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी। इसी खालीपन को भरने के लिए उन्होंने करीब 15 साल पहले एक बच्ची को गोद लिया। वह बच्ची धीरे-धीरे उनकी पूरी दुनिया बन गई। उन्होंने उसे सिर्फ पाला नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी का केंद्र बना लिया। पड़ोसियों के अनुसार, नाहिद परवीन अपनी बेटी के लिए बहुत संवेदनशील थीं। उसकी पढ़ाई, जरूरतें, भविष्य… सब कुछ उन्होंने अपनी जिम्मेदारी माना।
मां की चिंता को बेटी ने समझ लिया रुकावट
समय के साथ बेटी बड़ी हुई। उसकी अपनी पसंद-नापसंद बनने लगी। इसी दौरान उसकी नजदीकी अरबाज खान नाम के युवक से बढ़ी। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि बेटी अपने आशिक अरबाज पर काफी पैसे खर्च करती थी। मां की पेंशन और पीएफ की रकम भी उसी दिशा में जा रही थी। नाहिद परवीन को यह रिश्ता पसंद नहीं था। वह बेटी को समझाती थीं, रोकती थीं, बेहतर भविष्य की बात करती थीं। लेकिन बेटी इसे अपनी आजादी में दखल मानने लगी। यहीं से घर के भीतर खामोश तनाव शुरू हुआ। मां इसे चिंता समझ रही थीं, बेटी इसे रुकावट।
24 अप्रैल की रात और एक खामोश हत्या
24 अप्रैल की रात इस रिश्ते का सबसे भयावह अंत लिख दिया गया। पुलिस के अनुसार, दत्तक बेटी यानी गोद ली गयी बेटी ने अपने आशिक अरबाज खान, उसके दोस्त समीर खान और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर नाहिद परवीन की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि सभी ने मिलकर तकिये से उनका मुंह दबा दिया। एक मां, जिसने जिंदगी भर बेटी को सांस दी, उसी की सांसें उसी के सामने छीन ली गईं। हत्या के बाद घर को साफ किया गया। सबूत मिटाए गए। और फिर यह कहानी गढ़ी गई कि नाहिद परवीन बाथरूम में गिर गई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
अंतिम स्नान के समय उठे सवाल
25 अप्रैल को परिवार को सूचना दी गई कि नाहिद परवीन की मौत हो गई है। घर में मातम छा गया। लोग जुटने लगे। अंतिम संस्कार की तैयारी होने लगी। मिट्टी देने से पहले जब शव को स्नान कराया जा रहा था, तब गर्दन और शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान दिखाई दिए। कुछ लोगों को शक हुआ, लेकिन दुख और जल्दबाजी के बीच किसी ने ज्यादा सवाल नहीं उठाया। शव को दफना दिया गया। लेकिन सच ज्यादा देर तक दफन नहीं रह सका।
कब्र से बाहर आया सच
बाद में जब मृतका की दत्तक बेटी से पूछताछ हुई, तो कहानी टूटने लगी। बात धीरे-धीरे हत्या तक पहुंच गई। मृतका के देवर मो. हलीम ने डोरंडा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खुदवाई गई। शव को बाहर निकाला गया। मेडिकल बोर्ड बनाया गया और पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं, हत्या थी।
रिश्तों से बड़ा हो गया लालच
डोरंडा थानेदार दीपिका कुमारी की टीम ने इस मामले में दत्तक बेटी, उसके आशिक अरबाज खान और समीर खान को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटनास्थल से खून लगा बेडशीट और तकिये का कवर भी बरामद किया गया है। सिटी एसपी पारस राणा खोल गए सारा राज… देखें वीडियो
रांची में गोद ली बेटी ने प्रेमी और दोस्तों संग मिलकर विधवा मां की तकिये से दम घोंटकर हत्या कर दी। पहले इसे बाथरूम हादसा बताया गया, लेकिन कब्र खुदाई और पोस्टमार्टम ने सच उजागर कर दिया।#Ranchi #Doranda #JharkhandNews #CrimeNews #BreakingNews #NewsSamvad #TodayNews #TrendingNews pic.twitter.com/m3KLmun5CD
— News Samvad (@newssamvaad) April 29, 2026
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