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Munger : मुंगेर की रहने वाली एक महिला शिक्षिका सीमा (बदला हुआ नाम) के भरोसे का कत्ल कर दिया गया। उनके जानने वालों के अनुसार सीमा एक मेहनतकश और परित्यक्ता महिला हैं। उनके जीवन का सहारा उनका 14 साल का बेटा है। वे गुजरे आठ सालों से बच्चों को संगीत सिखा रही हैं। सीमा ने अपनी जीवनभर की पूंजी और सपनों को एक रिश्ते पर दांव पर लगा दिया। नतीजा… आज ठगी, शोषण और धमकियों का दंश झेल रही है। अपनी मेहनत की कमाई, पुरानी जमीन बेचकर मिले पैसे और बैंक से लिए लोन को उन्होंने भरोसे में देकर एक बेहतर घर और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद की थी। पर जिस पर भरोसा किया, उसने ही भरोसे का खून कर दिया।
बच्चों को संगीत सिखाने के दरम्यान सीमा की पहचान लखीसराय के सरकारी शिक्षक अबोध कुमार से हुई। शुरूआत में यह पहचान भरोसे और मदद करने वाली लगी। लेकिन कुछ ही समय में यह रिश्ता ठगी और धोखे में बदल गया। सीमा का इल्जाम है कि अबोध कुमार ने उन्हें जमीन और घर दिलाने का वादा किया और इस बहाने उनसे करीब 50 लाख रुपये ले लिए। रुपये देने के बाद सीमा को उम्मीद थी कि उन्हें उनका हक मिलेगा। लेकिन कुछ ही महीने बाद अबोध का व्यवहार बदल गया। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें घर बुलाकर डराया-धमकाया गया। आरोप है कि वहीं पर जबरन शारीरिक शोषण भी किया गया।
सीमा की पीड़ा सिर्फ ठगे गए पैसों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने बताया कि अबोध ने उनका गुप्त रूप से फोटो और वीडियो बना लिया और धमकी दी कि अगर उन्होंने मुंह खोला तो यह सब सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। कई बार उनका मोबाइल छीनकर खुद ही गंदे मैसेज भेजे और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की।
आज सीमा हर पल डर के साये में जी रही हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं आरोपी उनके बेटे को नुकसान न पहुंचा दे। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उन्हें 95 लाख रुपये के बैंक लोन में जबरदस्ती गारंटर भी बना दिया है।
सीमा (बदला हुआ नाम) का कहना है – “मैंने अपने बेटे के भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रुपये जोड़े थे। लेकिन एक शिक्षक के रूप में सामने आया यह व्यक्ति दरअसल राक्षस निकला। उसने न सिर्फ मेरे साथ धोखा किया बल्कि मेरी आत्मा को भी छलनी कर दिया। आज मैं हर दिन घुट-घुट कर जी रही हूं।” उन्होंने आरोप लगाया कि अबोध कुमार का यह पहला मामला नहीं है। वह कई शिक्षकों और अन्य लोगों को इसी तरह ठग चुका है और स्कूल की बच्चियों पर भी गलत नजर रखता है।
सीमा के शिकायत करने के बाद जब करीब ढाई महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने DGP से लेकर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सीएमओ तक का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद लखिसराय एसपी को मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया गया। शिकायत के करीब 75 दिन बाद आरोपी अबोध कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पीड़िता सीमा को अब बेटे की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि उनकी जीवन भर की कमाई और जमा पूंजी उनसे ठग लिये गये। अब वह बेटे की परवरिश कैसे करेगी।
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