अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Siwan : सीवान जिले के लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के लकड़ी गांव में हुई एक हत्या ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। विदेश से लौटे कमरे आलम की हत्या किसी हथियार से नहीं, बल्कि मिट्टी का इस्तेमाल कर की गई। जांच में सामने आया है कि पहले युवक पर मिट्टी से हमला किया गया और फिर उसके मुंह में मिट्टी भर दी गई, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले की जड़ में प्रेम प्रसंग का विवाद था। हत्या के आरोप में इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र शानवाज आलम को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके नाबालिग भाई को बाल न्याय अधिनियम के तहत निरुद्ध किया गया है।
प्रेम संबंध का विरोध पड़ा भारी
एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि मृतक कमरे आलम आरोपी शानवाज आलम और उसके परिवार की एक युवती के बीच चल रहे प्रेम संबंधों का विरोध करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। जांच में पता चला कि शानवाज ने अपने नाबालिग भाई के साथ मिलकर कमरे आलम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। दोनों ने पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
भागते हुए मिले आरोपी, यहीं से खुला राज
घटना के बाद पुलिस जब इलाके में जांच कर रही थी, तब दो युवक संदिग्ध हालत में वहां से जाते दिखाई दिए। दोनों के कपड़ों पर मिट्टी लगी हुई थी। पुलिस को उन पर शक हुआ और पूछताछ शुरू की गई। तलाशी के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में ऐसी रिकॉर्डिंग और डिजिटल सबूत मिले, जिन्होंने हत्या की पूरी कहानी सामने ला दी।
AI की मदद से जुटाई थी जानकारी
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। आरोप है कि मुख्य आरोपी ने हत्या की योजना बनाते समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई टूल्स का इस्तेमाल किया था। वह ऐसे तरीकों की जानकारी जुटा रहा था, जिनसे हत्या के बाद शरीर पर कम से कम निशान दिखाई दें। हालांकि पुलिस का कहना है कि तकनीक अपने आप में दोषी नहीं होती। उसका इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की सोच और मंशा ही तय करती है कि उसका उपयोग सही होगा या गलत।
पहले हमला किया, फिर मुंह में भर दी मिट्टी
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कमरे आलम के सिर पर मिट्टी से जोरदार प्रहार किया। चोट लगने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसके मुंह में मिट्टी भर दी गई, जिससे उसका दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि हत्या का यह तरीका बेहद असामान्य है और इसी वजह से जांच के दौरान हर पहलू को बारीकी से खंगाला गया।
प्रेमिका को सुनाना चाहता था रिकॉर्डिंग
मामले में सबसे अहम सबूत आरोपी के मोबाइल से मिली एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी इस रिकॉर्डिंग को अपनी प्रेमिका को सुनाना चाहता था। फॉरेंसिक जांच के लिए रिकॉर्डिंग को सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह ऑडियो अदालत में मजबूत साक्ष्य साबित हो सकती है।
डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी जांच
एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि पुलिस अब डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है। मोबाइल डेटा, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी सबूतों को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का दावा है कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि उन्हें कानून के मुताबिक कड़ी सजा मिल सके।
इसे भी पढ़ें : बिहार बनेगा स्टार्टअप हब! सम्राट चौधरी ने किया बिहार टेक पोर्टल का बड़ा ऐलान

