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Muzaffarpur : मुजफ्फरपुर अब सिर्फ लीची और बाबा गरीबनाथ की नगरी के नाम से ही नहीं जाना जाएगा। आने वाले वर्षों में यह शहर तकनीकी शिक्षा, आधुनिक शहरी विकास और बेहतर कनेक्टिविटी का भी बड़ा केंद्र बन सकता है। रविवार को सीएम सम्राट चौधरी ने शहर को ऐसी कई सौगातें दीं, जिनसे साफ संकेत मिला कि सरकार मुजफ्फरपुर को बिहार के प्रमुख विकास केंद्र के रूप में तैयार करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने 1047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उस घोषणा की रही, जिसमें उन्होंने एमआईटी मुजफ्फरपुर परिसर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय खोलने की बात कही। उनका कहना था कि यह विश्वविद्यालय सिर्फ पढ़ाई का संस्थान नहीं होगा, बल्कि तकनीकी शोध और नवाचार का बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे बिहार के युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
सिर्फ इमारतें नहीं, शहर की पहचान भी बदलने की कोशिश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 213.25 करोड़ रुपये की लागत से बने सिकंदरपुर लेक फ्रंट का लोकार्पण भी किया। इसके बाद उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और रात में होने वाली लाइटिंग और फाउंटेन शो का वीडियो भी देखा। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक फव्वारे, वॉकिंग ट्रैक और कलात्मक सजावट से सजा यह लेक फ्रंट अब शहर के लोगों के लिए सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि नई पहचान बनने की ओर बढ़ रहा है। सीएम ने अधिकारियों से साफ कहा कि परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और रोशनी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
#मुजफ्फरपुर जिले के MIT मैदान में @UDHDBIHAR/ @BuidcoBihar द्वारा आयोजित कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। pic.twitter.com/DNuZik9ztX
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 12, 2026
एयरपोर्ट और रैपिड रेल से सफर होगा आसान
मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर के लोगों को लंबे समय से चली आ रही दो बड़ी उम्मीदों पर भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। इसके साथ ही पटना-मुजफ्फरपुर रैपिड रेल कॉरिडोर बनने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर करीब 40 मिनट का रह जाएगा। यानी जो दूरी आज लोगों को घंटों में तय करनी पड़ती है, वह आने वाले समय में काफी कम हो जाएगी। इससे व्यापार, शिक्षा, नौकरी और इलाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
तिरहुत टाउनशिप और हाईवे से बढ़ेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 12 नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। इनमें मुजफ्फरपुर का तिरहुत टाउनशिप भी शामिल है। इसके अलावा हल्दिया-रक्सौल हाईवे बनने से शहर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उनका दावा है कि इसके बाद मुजफ्फरपुर से कोलकाता की यात्रा करीब छह घंटे में पूरी हो सकेगी। इसका सीधा असर व्यापार और उद्योग पर भी पड़ेगा।

सीता मंदिर से धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी में बन रहे माता सीता के भव्य मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष रूप से आभार जताया। उनका कहना था कि यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं होगा, बल्कि पूरे मिथिलांचल में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगा।
गरीब, किसान और महिलाओं के लिए भी कई बड़े वादे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। जिन गरीब परिवारों का नाम राशन कार्ड में नहीं है, उन्हें जोड़ने के लिए करीब एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। किसानों के लिए उन्होंने सिंचाई हेतु सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात दोहराई। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि जीविका दीदियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार के 100 दिन पूरे होने पर बाकी पात्र महिलाओं के खातों में भी राशि भेजी जाएगी।

भ्रष्टाचार और साइबर अपराध पर सख्ती का भरोसा
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सहयोग शिविरों के जरिए अब तक करीब पांच लाख आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। जिन लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है या वे संतुष्ट नहीं हैं, उनकी सुनवाई हर महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री स्तर पर पटना में की जाएगी।

मुजफ्फरपुर को बनाया जा रहा विकास का नया इंजन
कार्यक्रम के अंत में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि विकसित बिहार का सपना तभी पूरा होगा, जब मुजफ्फरपुर जैसे शहर विकास की नई रफ्तार पकड़ेंगे। शिक्षा, आधारभूत संरचना, परिवहन, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में जिन परियोजनाओं की घोषणा हुई है, अगर वे तय समय पर जमीन पर उतरती हैं तो आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर सिर्फ उत्तर बिहार का सबसे बड़ा शहर नहीं, बल्कि पूरे राज्य की विकास यात्रा का मजबूत आधार बन सकता है। यही वजह है कि इस बार की घोषणाओं को लोग सिर्फ सरकारी ऐलान नहीं, बल्कि शहर के भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं।
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