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Ranchi : रांची में अगर यह लेनदेन पूरा हो जाता, तो शहर एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल सकता था। कारोबारियों के बीच डर और दहशत फैलाने की पूरी साजिश रची जा चुकी थी, हथियार पहुंच चुके थे और बस आका राहुल सिंह के एक हुक्म का इंतजार था। लेकिन ऐन वक्त पर रांची पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि संगठित अपराध का यह खतरनाक प्लान धराशायी हो गया।
एक गुप्त सूचना ने बचा लिया शहर को
15 फरवरी की सुबह। रांची के एसएसपी राकेश रंजन को एक बेहद पुख्ता सूचना मिली। सूचना साफ थी… कुख्यात राहुल सिंह गैंग के खतरनाक गुर्गे शहर में हथियारों का लेनदेन करने वाले हैं। मकसद था रांची के कारोबारियों में खौफ पैदा करना और जरूरत पड़ने पर गोलीबारी जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देना। सूचना में जगह भी तय थी… जगरनाथपुर थाना क्षेत्र का रांची एयरपोर्ट।
साइलेंट ऑपरेशन : बिना शोर, बिना चूक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी पारस राणा की देखरेख और हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। किसी तरह की भनक न लगे, इसलिए ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया।
पुलिस टीम बताए गए लोकेशन पर तैनात हुई। एयरपोर्ट की दक्षिणी चाहरदिवारी के पास झाड़ियों और खुले मैदान पर खास नजर रखी जा रही थी। हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर थी।
झाड़ियों में छिपा था खौफ
जैसे ही संदिग्ध गतिविधि दिखी, पुलिस हरकत में आई। झाड़ियों और मैदान को चारों ओर से घेर लिया गया। भागने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने मौके से दो बदमाशों को दबोच लिया। इन दोनों के नाम पंकज कुमार उर्फ सोनू शर्मा और रियांश सिंह उर्फ स्वतंत्र उर्फ RDX बताए गए। दोनों रांची के धुर्वा इलाके के रहने वाले हैं। तलाशी ली गई तो हर कोई चौंक गया… देशी पिस्टल, मैगजीन, जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन और एक अपाचे बाइक। यहीं साफ हो गया कि मामला मामूली नहीं है।
“हुक्म का इंतजार था…”
पकड़े गए अपराधियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। दोनों ने बताया कि वे अपने आका कुख्यात राहुल सिंह के कहने पर रांची आए थे और शहर में गोलीबारी करने के हुक्म का इंतजार कर रहे थे। टारगेट तैयार थे, मैसेज ड्राफ्ट हो चुके थे, बस हरी झंडी मिलनी बाकी थी।
कटप्पा की एंट्री, साजिश की परतें खुलीं
पूछताछ जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक और नाम उभर कर सामने आया… अश्विनी कुमार पर्वता उर्फ कटप्पा उर्फ जॉनी। बताया गया कि रामगढ़ के पतरातू का रहने वाला कटप्पा भी रांची में ही मौजूद है और पूरे ऑपरेशन की अहम कड़ी है। पुलिस ने बिना देर किए जाल बिछाया और दोनों की निशानदेही पर कटप्पा को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पूरी साजिश का नक्शा पुलिस के सामने आ गया।
एक नहीं, कई गिरोहों का खिलाड़ी है ‘कटप्पा’
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अश्विनी उर्फ कटप्पा कोई नया नाम नहीं है। वह पहले अमन साहू गिरोह और राहुल दुबे गिरोह के लिए काम कर चुका है। अब वह राहुल सिंह गिरोह का मुख्य सदस्य बन चुका था। उसकी भूमिका बेहद खतरनाक थी। हथियार और गोलियों का जुगाड करना, कारोबारियों के नंबर जुटाना, व्हाट्सएप पर धमकी भरे मैसेज तैयार करना, जरूरत पड़ने पर फायरिंग की प्लानिंग यानी डर फैलाने की पूरी फैक्ट्री उसी के इर्द-गिर्द घूमती थी।
जब्त नहीं होते हथियार, तो खतरनाक होता अंजाम
पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान बरामद किया, उसने मामले की गंभीरता और बढ़ा दी। पुलिस ने एक देशी पिस्टल, दो मैगजीन, 15 जिंदा गोलियां और चार मोबाइल फोन जब्त किए। अगर यह हथियार सड़कों पर उतर जाते, तो अंजाम बेहद खतरनाक हो सकता था।
केस दर्ज, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
इस सनसनीखेज मामले में जगरनाथपुर थाना में कांड संख्या 32/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और गिरोह के अन्य सदस्यों की कड़ी जोड़ने में लगी है। सिटी एसपी पारस राणा का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। क्या बता गए सिटी एसपी पारस राणा। देखें
कुख्यात राहुल सिंह का कटप्पा सोनू और RDX के धराया, राजधानी रांची में मचाने वाला था तहलका… सिटी एसपी पारस राणा क्या बता गए… देखें pic.twitter.com/19eBWNdmgT
— News Samvad (@newssamvaad) February 15, 2026
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