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Garhwa (Nityanand Dubey) : गढ़वा के केतार प्रखंड में बीते कुछ दिनों से लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही चर्चा है… “इतना सारा अनाज आखिर गया कहां?” यह सवाल अब सिर्फ आम लोगों का नहीं, बल्कि प्रशासन के माथे पर भी चिंता की लकीर बन चुका है। झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) के गोदाम से 9006.18 क्विंटल खाद्यान्न गायब मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।
गांव में हैरानी, गोदाम के आस-पास गूंजते सवाल
केतार के स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह गोदाम सालों से इलाके के गरीबों के लिए राशन वितरण का बड़ा केंद्र रहा है। सुबह से शाम तक ट्रक आते-जाते थे, लेकिन कभी किसी ने नहीं सोचा था कि अंदर कुछ इतना बड़ा गोलमाल चल रहा होगा। एक ग्रामीण ने कहा, “हमको तो लगा अनाज गरीबों तक जा रहा है, पर अब पता चला कि अनाज तो कहीं और ही पहुंच गया।”
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने जब गोदाम का निरीक्षण किया, तो वहां की रजिस्टर प्रविष्टियों और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। सूचना मिलते ही डीसी दिनेश कुमार यादव ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि करीब 9006.18 क्विंटल अनाज का कोई रिकॉर्ड नहीं है। यानी, लाखों रुपये के सरकारी अनाज का पता ही नहीं!
गोदाम प्रभारी पर कार्रवाई, मिलर भी शक के घेरे में
डीसी दिनेश यादव ने इस गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। गोदाम प्रभारी राजीव कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया। साथ ही उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई। इतना ही नहीं, गोदाम के कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है। प्रशासन को शक है कि इस खेल में कई मिलरों की मिलीभगत रही है। इनमें आरडीएस एंड संस प्राइवेट लिमिटेड (चियांकी पलामू), ज्योति राइस मिल (बिश्रामपुर), शाकंबरी राइस मिल (रांची) और रामेश्वरम राइस मिल (बिहार) शामिल हैं। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है और असंतोषजनक जवाब मिलने पर कानूनी कार्रवाई तय है।
डीसी का सख्त संदेश : “अब जवाबदेही तय होगी”
डीसी दिनेश कुमार यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अब किसी भी गोदाम में निगरानी ढीली नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, “सरकारी अनाज जनता का हक़ है, और इसे कोई भी व्यक्ति अपने लाभ के लिए हड़प नहीं सकता।”
लोगों की उम्मीद – “अब न्याय होना चाहिए”
केतार के लोग अब प्रशासन की सख्त कार्रवाई को एक उम्मीद की तरह देख रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि अगर दोषियों को सज़ा मिली, तो भविष्य में कोई भी जनता के राशन से खिलवाड़ करने की हिम्मत नहीं करेगा।
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