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Pakur (Jaydev Kumar) : जमीन के लफड़े में झगड़ा गांवों में नया नहीं है। लेकिन जब यह विवाद खून तक पहुंच जाए, तो सिर्फ मिट्टी नहीं, रिश्ते भी लहूलुहान हो जाते हैं। मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के बिशनपुर गांव में गुरुवार को जो हुआ, उसने यही सच फिर उजागर कर दिया। तीन भाई राजू, रमेश और जेठ मरांडी अपने खेतों का हाल देखने निकले थे। रास्ता छोटा था, मगर मन भारी। क्योंकि उसी रास्ते पर कभी उनके पिता के दोस्त और अब विरोधी बन चुके छतर किस्कू का घर पड़ता है। रिश्तों में जमी कड़वाहट इतनी गहरी हो चुकी थी कि अब बात सिर्फ जमीन की नहीं, अहम की भी हो गई थी।
झाड़ियों निकला तीर सीने में धंस गया
बिशनपुर से गुजरते वक्त अचानक झाड़ियों के बीच से एक तीर निकला और सीधे राजू मरांडी के सीने में धंस गया। बाइक डगमगा गई, राजू सड़क पर गिर पड़ा। रमेश और जेठ ने चीखते हुए उसे थामा। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े, मगर हमलावर तब तक गायब हो चुके थे। तीर को सीने में लिए राजू की सांसें फट रही थीं। भाई उसे बाइक से ही थाने ले गए। पुलिस ने बिना देर किए उसे सोनाजोड़ी सदर अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने तेजी से तीर निकाला। शुक्र था कि तीर ने किसी मुख्य नस को नहीं छुआ था। राजू अब खतरे से बाहर है, मगर जो जख्म अंदर लगा है, वह जल्दी नहीं भरेगा।
पुरानी दुश्मनी की जड़ें गहरी
राजू के भाई जेठ मरांडी बताते हैं कि ये दुश्मनी नई नहीं है। बाबा के समय से ही ये खेत का मामला चल रहा है। पट्टा का हिस्सा किसके नाम है, इसी बात को लेकर गांव दो हिस्सों में बंट गया। पिछले साल भी रमेश पर तीर चला था, अब राजू पर… जेठ बोलते हुए चुप हो जाते हैं। चेहरा उस डर को बयां करता है जो अब रोजमर्रा का हिस्सा बन चुका है।
पुलिस की कार्रवाई और गांव की चुप्पी
थानेदार राहुल गुप्ता ने बताया कि घायल की हालत स्थिर है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिन तीन लोगों पर शक है। इनके नाम छतर किस्कू, बोलाई किस्कू और सकल किस्कू हैं। तीनों अब गांव से फरार हैं। गांव वाले इस मामले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं अगला निशाना वे न बन जाएं।
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