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Home » 95 लाख की DMFT सड़क चंद महीनों में ही धंसी, बाबूलाल ने CM से मांगी हाईलेवल जांच
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95 लाख की DMFT सड़क चंद महीनों में ही धंसी, बाबूलाल ने CM से मांगी हाईलेवल जांच

August 16, 2026No Comments4 Mins Read
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Pakur : पाकुड़ जिले के इलामी पंचायत में DMFT मद से बनी PCC सड़क और गार्डवाल के निर्माण पर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले को गंभीर बताते हुए सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और गड़बड़ी मिलने पर संवेदक, कार्यकारी एजेंसी के अभियंता समेत जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, वर्ष 2025 में तत्कालीन उपायुक्त की ओर से DMFT कोष से इलामी से बागानपाड़ा तक PCC सड़क और गार्डवाल निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। पत्र में बताया गया है कि इस काम को संवेदक हबीबुर रहमान ने इसी साल पूरा किया था। निर्माण की प्राक्कलित राशि करीब 95 लाख रुपए बताई गई है।

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कुछ महीने पहले बनी सड़क में अब गड्ढे

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया है कि क्षेत्र के दौरे के दौरान इलामी पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों ने उन्हें संयुक्त हस्ताक्षर वाला आवेदन दिया। ग्रामीणों ने सड़क और गार्डवाल के निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण कुछ महीने पहले ही हुआ था, लेकिन अब कई जगह सड़क टूट गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क की मजबूती और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।

शिकायत के अनुसार, पहले से बनी PCC सड़क के ऊपर करीब चार इंच की अतिरिक्त ढलाई की गई है। वहीं सड़क की सुरक्षा के लिए बनाए गए गार्डवाल के फाउंडेशन में भी करीब पांच इंच ढलाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम मोटाई और कथित तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के कारण सड़क और गार्डवाल जल्दी खराब हो गए।

घटिया बोल्डर और कम सीमेंट लगाने का आरोप

ग्रामीणों ने गार्डवाल में घटिया बोल्डर इस्तेमाल करने और जरूरत के मुताबिक बोल्डर नहीं लगाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा निर्माण में सीमेंट की मात्रा कम रखने और घटिया बालू इस्तेमाल करने की शिकायत भी की गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण में मानकों का पालन नहीं होने के कारण सड़क पर कई जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं और कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

मरांडी ने मुख्यमंत्री से कहा है कि ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए। जांच में यह देखा जाए कि सड़क और गार्डवाल का निर्माण स्वीकृत DPR और प्राक्कलन के अनुसार हुआ है या नहीं। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की भी गुणवत्ता जांची जाए।

दूसरे गार्डवाल में भी पूरी राशि निकालने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में इलामी पंचायत में ही वर्ष 2025 में सतार मौलवी के घर के पास बनाए गए गार्डवाल का मामला भी उठाया है। पत्र के मुताबिक, इस योजना का प्राक्कलन करीब 95 लाख रुपए था और इसमें 150 फीट गार्डवाल बनाया जाना था। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर करीब 50 फीट ही गार्डवाल बनाया गया और काम अधूरा छोड़ दिया गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि काम अधूरा रहने के बावजूद संवेदक और अभियंता की कथित मिलीभगत से पूरी राशि की निकासी कर ली गई। इस मामले में भी ग्रामीणों ने कई गंभीर शिकायतें की हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सभी DMFT योजनाओं की जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इलामी पंचायत में DMFT कोष से बनी सभी PCC सड़कों और गार्डवाल की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित की जाए। टीम निर्माण की गुणवत्ता, DPR के अनुसार काम, इस्तेमाल की गई सामग्री और कार्यकारी एजेंसी की भूमिका की जांच करे।

उन्होंने कहा है कि जांच के दौरान यदि संवेदक, अभियंता या किसी अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

इसे भी पढ़ें : ‘सरकार के दावे खोखले, सीएजी के आंकड़े बता रहे सच’, बाबूलाल ने हेमंत सरकार को घेरा

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