अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उद्योगों का तेजी से विस्तार जरूरी है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार औद्योगिक विकास और डिजिटल ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। ये बातें सीएम सम्राट चौधरी ने पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में राज्य के पहले डेटा सेंटर के उद्घाटन के दौरान कहीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया गया है और बिहार भी इस दिशा में अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। वर्ष 2005 से 2025 के बीच बुनियादी ढांचे में जो सुधार हुआ, अब उसे आगे बढ़ाते हुए औद्योगिक क्रांति की नींव रखी जा रही है।

अगले पांच साल में 1000 मेगावाट डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य
समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि बिहार में CtrlS कंपनी की ओर से डेटा सेंटर की स्थापना तकनीकी बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस मौके पर उद्योग विभाग और CtrlS के बीच 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते पर सहमति बनी। सीएम ने कंपनी से अपने प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के भीतर कम से कम 1000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर खड़े करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आधुनिक प्रोजेक्ट्स के लिए चौबीसों घंटे बिजली की जरूरत होती है। राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति काफी मजबूत हुई है और अब सरकार ग्रीन व सोलर एनर्जी के विकल्पों को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है ताकि उद्योगों को बिजली की कोई कमी न रहे।

उद्योगों के लिए 13 हजार एकड़ जमीन, राजस्व 2 लाख करोड़ तक पहुंचाने की तैयारी
सीएम ने राज्य के वित्तीय ढांचे पर बात करते हुए कहा कि बिहार का कुल बजट लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन राज्य का अपना राजस्व केवल 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास ही सिमट कर रह जाता है। सरकार का लक्ष्य इस राजस्व को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का है, जो बिना बड़े उद्योगों और नई तकनीक के संभव नहीं हो सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए निवेशकों के लिए राज्यभर में लगभग 13 हजार एकड़ जमीन तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही पटना के गंगा पार इलाके और हाजीपुर बेल्ट में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों के नए क्लस्टर तैयार किए जाएंगे। इन सभी औद्योगिक केंद्रों को एक्सप्रेस-वे और फोरलेन हाईवे से सीधे जोड़ा जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी बेहतर रहे।

निरीक्षण कर परखीं डिजिटल व्यवस्थाएं, पूरी टीम को दी बधाई
उद्घाटन के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने डेटा सेंटर भवन के पहले तल पर जाकर मुख्य कंट्रोल रूम और सर्वर कक्ष का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और तकनीकी टीम से बातचीत कर यहां से संचालित होने वाले डिजिटल नेटवर्क के बारे में समझा। उन्होंने बिहार आईटी पॉलिसी 2024 के तहत इस केंद्र को स्थापित करने के लिए CtrlS के संस्थापक श्रीधर पिन्नापुरेड्डी और उनकी पूरी टीम की सराहना की। इस मौके पर आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग सचिव कुंदन कुमार, आईटी सचिव अभय कुमार सिंह सहित कई आला अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें : CM सम्राट ने 101 लोगों की सुनी फरियाद, ऑन-द-स्पॉट किया फैसला


