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Dumka : दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसके बाद बेरहमी से की गई हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना के विरोध में पाकुड़ के छात्र-छात्राओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आदिवासी कल्याण बालिका छात्रावास के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और इंसाफ की गुहार लगाई।
रविंद्र चौक से अंबेडकर चौक तक गूंजे नारे
शाम ढलते ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रविंद्र चौक पर जुटने लगे। यहां से एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौक तक पहुंचा। मार्च के दौरान माहौल बेहद गमगीन और आक्रोश से भरा था। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और मोमबत्तियां लिए हुए थे। पूरे रास्ते छात्र-छात्राएं मृत छात्रा को न्याय दिलाने और आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।
पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी
कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना था कि इतनी बड़ी और खौफनाक वारदात होने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और प्रशासन ढिलाई बरत रहा है। एक आदिवासी नाबालिग के साथ हुई इस बर्बरता ने पूरे छात्र समाज को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन जिम्मेदारों की तरफ से अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
अंबेडकर चौक पर सभा के दौरान छात्र नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा पूरे जिले में चक्का जाम की नौबत आ जाएगी।
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