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Patna : पटना में धरना-प्रदर्शन करने वाले संगठनों और लोगों को अब निर्धारित स्थल गर्दनीबाग जाना होगा। इसके अलावा शहर में किसी दूसरे स्थान पर धरना-प्रदर्शन करने या बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पटना के डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने सभी संगठनों से तय नियमों का पालन करने और आम लोगों की परेशानी का ध्यान रखने की अपील की है। डीएम और एसएसपी ने विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों की ओर से बिना पूर्व सूचना या निर्धारित अनुमति के धरना-प्रदर्शन किए जाने के मामलों की समीक्षा के बाद यह निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात सुचारू रखना और आम नागरिकों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है।
जाम से स्कूल, अस्पताल और कारोबार प्रभावित
प्रशासन के मुताबिक, निर्धारित स्थल के अलावा अन्य जगहों पर प्रदर्शन करने से सड़कों पर जाम लगता है। इससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के कामकाज पर भी असर पड़ता है। वहीं, कारोबारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है और उनकी व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
अधिकारियों ने कहा कि सड़क जाम होने से बुजुर्गों, बीमार लोगों और स्कूली बच्चों की आवाजाही में भी दिक्कत आती है। सबसे गंभीर स्थिति तब होती है, जब एंबुलेंस और दूसरी आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को रास्ता नहीं मिल पाता। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है।
निर्देश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
डीएम और एसएसपी ने संगठनों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखने के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का ही उपयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय स्थल के अलावा कहीं और प्रदर्शन करने या जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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