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Patna : दो साल के अंतराल के बाद पटना म्यूजियम अब नए और आकर्षक रूप में दर्शकों के लिए तैयार है। 5 अगस्त से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस म्यूजियम का टिकट मूल्य बिहार म्यूजियम की तुलना में आधा यानी मात्र 50 रुपये रखा गया है। बता दें कि पटना म्यूजियम के नए भवन का उद्घाटन 27 जुलाई को CM नीतीश कुमार ने किया था। 158 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस भवन में दो प्रमुख गैलरियां गंगा गैलरी और पाटली गैलरी तथा एक स्कल्पचर गार्डन शामिल हैं। इन गैलरियों को आधुनिक तकनीक जैसे 3D इफेक्ट और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से जीवंत बनाया गया है।
गंगा गैलरी : शाहाबाद से संथाल तक की यात्रा
गंगा गैलरी में गंगा नदी के उद्गम से लेकर बिहार के सांस्कृतिक जीवन पर इसके प्रभाव को दर्शाया गया है। गैलरी में 445 किलोमीटर की गंगा यात्रा को शाहाबाद, मगध, कोसी, अंग, तिरहुत, मिथिला और सीमांचल जैसे सात सांस्कृतिक क्षेत्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। भगवान शिव की जटाओं से निकलती गंगा को 3D इफेक्ट के साथ दिखाया गया है, जबकि फ्लोर पर गंगा की धारा का डिजिटल प्रभाव बनाया गया है, जिस पर दर्शक चल सकते हैं। गैलरी में केसरिया स्तूप, राम रेखा घाट जैसी प्रतिकृतियां और झिझिया, जट जतिन, बिदेसिया, सोहर जैसे नृत्य कला के साथ-साथ मंजूषा, मधुबनी और टिकुली जैसी चित्रकलाएं भी प्रदर्शित हैं।
20 करोड़ साल पुराना जीवाश्म वृक्ष
गंगा गैलरी का मुख्य आकर्षण 53 फीट लंबा जीवाश्म वृक्ष है, जो 20 करोड़ वर्ष पुराना है। इसे 1927 में आसनसोल से लाकर पटना म्यूजियम में रखा गया था। अब इसे नए भवन में आधुनिक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा चिरांद और पांड़ जैसे पुरातात्विक स्थलों के अवशेष और पाणिनि की अष्टाध्यायी की डिजिटल किताब भी मौजूद है, जिसे टच कर पन्ने पलटे जा सकते हैं।
पाटली गैलरी : मगध साम्राज्य की गौरव गाथा
पाटली गैलरी में मगध साम्राज्य के उदय और विकास को दर्शाया गया है। गैलरी में प्रवेश करते ही एक विशाल द्वार स्वागत करता है, जो दर्शकों को राजगीर से मगध साम्राज्य की यात्रा पर ले जाता है। पाटलिपुत्र शहर की 16 फीट ऊंची डिजिटल प्रतिकृति के साथ मेगास्थनीज और फाह्यान जैसे यात्रियों के विवरणों को भी प्रदर्शित किया गया है।
आचार्य चाणक्य का AI होलोग्राम
पाटली गैलरी में आचार्य चाणक्य का एक AI आधारित होलोग्राम बनाया गया है, जो दर्शकों के सवालों का जवाब देगा। इसे दुबई के टेक्नीशियनों ने विशेष सॉफ्टवेयर के साथ तैयार किया है। यह होलोग्राम हिंदी और अंग्रेजी में सवालों का जवाब देता है, और भविष्य में मैथिली, भोजपुरी और विदेशी भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा।
स्कल्पचर गार्डन : 102 मूर्तियों का खजाना
म्यूजियम के स्कल्पचर गार्डन में 102 मूर्तियां प्रदर्शित हैं, जिन्हें हिंदू और बौद्ध खंडों में बांटा गया है। हिंदू खंड में शक्ति, शिव, विष्णु, ब्रह्मा, सूर्य और नाग आदि की मूर्तियां हैं, जबकि बौद्ध खंड में बुद्ध की प्रतिमा को केंद्र में रखा गया है।
बिहार म्यूजियम बिनाले का आयोजन
7 अगस्त से बिहार म्यूजियम बिनाले का आयोजन होगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। इस दौरान कुछ विदेशी प्रदर्शनियां पटना म्यूजियम की टेंपररी गैलरी में भी लगाई जाएंगी। म्यूजियम के नए भवन में तीन ब्लॉक हैं, जिनमें कैफेटेरिया, सभागार, प्रशासनिक कार्यालय, भंडार कक्ष और संरक्षण प्रयोगशाला शामिल हैं।
आधुनिक तकनीक से लैस अनूठा अनुभव
पटना म्यूजियम का यह नया स्वरूप आधुनिक तकनीक और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है। QR कोड के जरिए दर्शक सभी प्रदर्शनियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह म्यूजियम न केवल बिहार की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाता है, बल्कि पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव भी प्रदान करेगा।
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