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पीयूष का चयन उनके समर्पण, नई सोच और तकनीकी कौशल का प्रमाण है। एमएसएमई इनक्यूबेशन प्रोग्राम के तहत अब उन्हें अपने विचार को एक पूर्ण उत्पाद के रूप में विकसित करने का अवसर मिलेगा। यह प्लेटफॉर्म युवा प्रतिभाओं को न सिर्फ तकनीकी सहयोग देता है बल्कि उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने का भी मौका देता है। पीयूष राज की इस कामयाबी से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। वहीं, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, जमुई के लिए भी यह एक गौरव का क्षण है। पीयूष की इस ऐतिहासिक कामयाबी ने कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार किया है। कॉलेज प्रशासन ने भी अपने होनहार छात्र की इस अद्भुत सफलता पर खुशी जतायी है। फिलहाल पीयूष राज की इस सफलता ने ये साबित कर दिया कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। अगर उन्हें सही मंच और समर्थन मिले तो वे वैश्विक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

