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Pakur (Jaydev Kumar) : काकड़बोना गांव की एक तंग गली में स्थित छोटा सा सीएसपी केंद्र रोज की तरह खुला था। बाहर से देखने पर सब सामान्य लगता था। लोग पहचान पत्र सुधार कराने की उम्मीद लेकर आते, अंगूठा लगाते और लौट जाते। किसी को अंदाजा नहीं था कि इसी काउंटर के पीछे नियमों को तोड़कर पहचान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
एक सूचना और खुलती परतें
मुफस्सिल थाना पुलिस को सूचना मिली कि यहां बिना वैध अनुमति आधार कार्ड का नवीकरण और सुधार किया जा रहा है। सूचना गंभीर थी, क्योंकि आधार केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि नागरिक की पहचान से जुड़ा मामला है। पुलिस ने पहले जानकारी की पुष्टि की और फिर अचानक छापेमारी की।
छापेमारी में सामने आई सच्चाई
पुलिस जब सीएसपी केंद्र के भीतर पहुंची तो वहां आधार से जुड़े कई उपकरण मिले। जांच में साफ हुआ कि इनका इस्तेमाल नियमों के खिलाफ किया जा रहा था। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि काम के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। धीरे धीरे तस्वीर साफ होने लगी।
दूसरे जिले की आईडी और स्थानीय लोग
जांच में पता चला कि सीएसपी संचालक मोस्ताक शेख दूसरे जिले की आईडी का इस्तेमाल कर स्थानीय लोगों के आधार कार्ड में सुधार और नवीकरण कर रहा था। आसान प्रक्रिया और जल्दी काम के लालच में लोग नियमों की जानकारी बिना ही यहां पहुंच रहे थे। उन्हें नहीं मालूम था कि यह काम उन्हें भी परेशानी में डाल सकता है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले को गंभीर मानते हुए मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मोस्ताक शेख को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक यह सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं हो सकता, इसलिए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पाकुड़ पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध रूप से चल रहे सीएसपी केंद्रों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। आधार जैसे अहम दस्तावेज से जुड़ी लापरवाही या धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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