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Hazaribagh (Dharmendra Pradhan) : हजारीबाग पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे को तीखी चोट दी है। गैंग के दो शूटरों को गिद्दी थाना क्षेत्र दबोचा है। गिरफ्तार शूटरों के नाम मोहित सिंह उर्फ कुणाल और भोला उर्फ ओम प्रकाश बताये गए। आरोपियों के पास से एक देसी लोडेड पिस्टल, दो जिंदा गोलियां, दो मैगजीन, दो मोबाइल फोन और स्कॉर्पियो जब्त की गई है। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने गैंग के लिए रंगदारी वसूलने, लूट, फिरौती और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने की बात कबूल की है। दोनों आरोपी स्कॉर्पियो से हथियार लेकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने जा रहे थे। पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ लिया।
गुप्त सूचना मिलते ही रेस हुई पुलिस
हजारीबाग एसपी अमन कुमार को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की स्कॉर्पियो (जेएच-10 एआर-8705) में सवार कुछ अपराधी हथियार लेकर गिद्दी से मांडू होते हुए हजारीबाग की ओर आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने गिद्दी-मांडू मुख्य सड़क पर कनकी गांव मोड़ के पास सघन वाहन जांच शुरू कर दी। पुलिस की नजर हर गुजरने वाले वाहन पर थी। इसी दौरान तेज रफ्तार से एक सफेद स्कॉर्पियो आती दिखाई दी।
पुलिस को देखते ही गाड़ी छोड़कर भागने लगे
पुलिस ने स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया। चालक ने कुछ दूरी पर गाड़ी रोक दी, लेकिन उसमें सवार लोग अचानक दरवाजा खोलकर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उनका पीछा किया। कुछ दूरी तक दौड़ने के बाद दो युवकों को पकड़ लिया गया, जबकि अन्य लोगों के भाग निकलने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि गैंग का मुख्य काम रंगदारी वसूलना, फिरौती मांगना और लूट की घटनाओं को अंजाम देना है। विरोध करने वालों के बीच डर पैदा करने के लिए कई बार फायरिंग भी की जाती थी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से गैंग के नेटवर्क और उसके अन्य सदस्यों के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। इन सूचनाओं के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
तलाशी में मिला हथियार, कारतूस और मैगजीन
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों की तलाशी ली गई। उनके पास से एक देसी लोडेड पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद हुईं। स्कॉर्पियो की तलाशी में दो मोबाइल फोन भी मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। अब मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
जेल से निकलते ही फिर एक्टिव हो गया था मोहित
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित सिंह पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है। दिसंबर 2025 में उरीमारी थाना क्षेत्र के विस्थापित नेता दशई मांझी के घर पर हुई फायरिंग की घटना में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद जनवरी 2026 में उरीमारी थाना क्षेत्र में बड़ी वारदात की तैयारी के दौरान राहुल दुबे गैंग के नौ सदस्यों के साथ उसे हथियार समेत गिरफ्तार किया गया था। वह कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था। पुलिस का कहना है कि जेल से छूटने के बाद भी उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा। 2 जून 2026 को गिद्दी सी चेकपोस्ट पर हुई फायरिंग की घटना में भी उसकी भूमिका सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपी किस वारदात को अंजाम देने जा रहे थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उनके साथ वाहन में और कौन-कौन लोग मौजूद थे। फरार अपराधियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
सराहनीय रही इनकी भूमिका
पूरे अभियान का नेतृत्व बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद ने किया। टीम में इंस्पेक्टर शाहिद रजा, गिद्दी थानेदार मो. इकबाल हुसैन, उरीमारी थाना के रथू उरांव, केरेडारी थानेदार वेद प्रकाश पांडेय, नक्सल एवं तकनीकी शाखा के अधिकारी तथा गिद्दी और उरीमारी थाना के सशस्त्र जवानों। की भूमिका सराहनीय रही।
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