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Chatra : रात गहराती जा रही थी। पिपरवार के कारो मैदान की तरफ सन्नाटा पसरा था। लेकिन इस सन्नाटे के बीच पुलिस की कुछ गाड़ियां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं। मुखबिर से एसपी सुमित अग्रवाल को मिली सूचना ने पुलिस को सतर्क कर दिया था… “राहुल सिंह गिरोह के गुर्गे किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं…”। मिली इंफॉर्मेशन पर एसपी ने टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार (आईपीएस) की देखरेख में टीम गठित की। मंगलवार की रात एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में गठित छापामारी दल ने कारो मैदान के आसपास घेरा डाल दिया। टीम में टंडवा और पिपरवार थाना के अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। थोड़ी ही देर में चार युवकों को दबोच लिया गया। जब तलाशी ली गई तो दो देसी पिस्टल (7.65 एमएम), 10 जिंदा गोली, तीन एंड्रायड मोबाइल फोन, और ‘राहुल सिंह आजाद सरकार’ लिखा चार पर्चा पुलिस के हाथ लगे। पकड़े गए चारों लड़के राहुल सिंह गिरोह के गुर्गे निकले। इन गुर्गों के नाम असजद रजा, शाहजहां अंसारी, महफूज आलम उर्फ लालू और गुलजार अंसारी उर्फ राजू बताये गये। सभी की उम्र 21 से 25 साल के बीच है। असजद रजा और महफूज आलम उर्फ लालू चतरा के रहने वाले हैं। ये लोग बीते कई महीनों से चतरा और आसपास के इलाकों में लेवी के लिए फायरिंग और धमकाने की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
राजधर साइडिंग और NTPC टंडवा फायरिंग कांड का खुलासा
पूछताछ में चारों अपराधियों ने दो बड़ी वारदातों का खुलासा किया। उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने ही 18 अगस्त 2025 को राजधर साइडिंग में, और 20 सितम्बर 2025 को NTPC टंडवा परिसर में हाईवा चालकों पर लेवी वसूलने के उद्देश्य से फायरिंग की थी। इन वारदातों ने उस वक्त पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस लगातार गिरोह के मूवमेंट पर नज़र रखे हुए थी, और आखिरकार छापामारी में गिरोह का नेटवर्क टूट गया।
जुर्म की लंबी फेहरिस्त
शाहजहां अंसारी पर तीन अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी और चोरी के मामले दर्ज हैं… ठाकुरगांव, खलारी और कुडू थाना में।
वहीं, महफूज आलम उर्फ लालू पर चान्हो थाना क्षेत्र में हत्या (धारा 302) और आर्म्स एक्ट का गंभीर मामला दर्ज है। यानी यह गिरोह न केवल लेवी वसूली बल्कि संगठित अपराध की जड़ें मजबूत करने की साजिश में था।
‘राहुल सिंह आजाद सरकार’ – नाम जो डर बन चुका था
गिरफ्तार युवकों के पास से मिले पर्चों पर लिखा था… “राहुल सिंह आजाद सरकार – टंडवा क्षेत्र में अब हमारी हुकूमत चलेगी।”
यह वाक्य न सिर्फ पुलिस के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी चुनौती था। लेकिन चतरा पुलिस ने जिस त्वरित कार्रवाई से गिरोह के सदस्यों को पकड़ा, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून से बड़ा कोई नहीं।

इनकी भूमिका रही सराहनीय
राहुल सिंह के इन गुर्गों के दबोचने में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार, टंडवा इंस्पेक्टर उतम तिवारी, टंडवा थानेदार अनिल उरांव, पिपरवार थानेदार, अभय कुमार, एसआई अभिमन्यु कुमार, अमित कुमार, और एएसआई आदित किशोर तिर्की की भूमिका सराहनीय रही।

