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Patna : बिहार में अब खेतों का रिकॉर्ड सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि मोबाइल और डिजिटल तकनीक के जरिए तैयार किया जा रहा है। कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए राज्यभर में डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू किया है। इस बार 2 करोड़ 62 लाख 84 हजार 716 प्लॉट का सर्वे करने का लक्ष्य रखा गया है। 13 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में अब तक करीब 41 लाख प्लॉट का सर्वे पूरा हो चुका है। विभाग ने 30 सितंबर तक पूरे सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए खेत में कौन सी फसल लगी है, इसकी जानकारी मौके से ही मोबाइल ऐप पर दर्ज की जा रही है। खेत की जियो टैग्ड तस्वीर के साथ जरूरी जानकारी भी रिकॉर्ड की जा रही है। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि राज्य के किस इलाके में किस किसान के किस प्लॉट में कौन सी फसल लगी है।
खेत तक पहुंचकर मोबाइल से दर्ज हो रही फसल की जानकारी
डिजिटल क्रॉप सर्वे राज्य के सभी 38 जिलों में चल रहा है। इसमें धान समेत खरीफ की प्रमुख फसलों के साथ बागवानी फसलों और एक महीने से ज्यादा समय पहले लगाई गई फसलों को भी शामिल किया गया है। मौके पर जाकर सर्वे करने वाले कर्मी खेत और फसल से जुड़ी जानकारी ऐप में दर्ज कर रहे हैं। इससे फसलों का रिकॉर्ड तैयार होने के साथ भविष्य में किसानों को मोबाइल के जरिए अपनी फसल से जुड़ी अपडेट जानकारी उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि इस सर्वे से यह भी साफ तौर पर पता चलेगा कि राज्य में किस मौसम में कितने क्षेत्र में कौन सी फसल लगी है। इससे फसल आच्छादन का सही आकलन किया जा सकेगा। साथ ही उत्पादन और उत्पादकता का अनुमान लगाने में भी विभाग को मदद मिलेगी। अभी तक कई आंकड़े अलग-अलग माध्यमों से जुटाए जाते हैं, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड से तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
38 जिलों में अधिकारियों की टीम कर रही निगरानी
सर्वे का काम समय पर और सही तरीके से पूरा हो, इसके लिए कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकारों को लगाया गया है। मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी सर्वे की प्रगति पर नजर रख रहे हैं। जिलों में अचानक क्षेत्र भ्रमण कर काम की स्थिति देखी जा रही है। इसके अलावा रोजाना और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के जरिए भी समीक्षा हो रही है। सर्वे से जुड़े मास्टर ट्रेनर्स को पहले प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों को तकनीकी जानकारी दे रहे हैं। विभाग का जोर इस बात पर है कि खेत से जुटाई जाने वाली जानकारी सही हो और तय समय के भीतर पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
फसल बीमा से लेकर सरकारी योजनाओं तक मिलेगा फायदा
कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से तैयार होने वाला आंकड़ा आने वाले समय में कई कृषि योजनाओं के लिए उपयोगी होगा। फसल बीमा में खेत और फसल की जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा किसानों को खाद, बीज और दूसरे कृषि इनपुट की जरूरत का आकलन करने, फसल की बिक्री और भंडारण की बेहतर तैयारी करने में भी मदद मिलेगी। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सही आंकड़े उपलब्ध होने से सरकार को जमीन की वास्तविक स्थिति के आधार पर कृषि योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने में आसानी होगी। मौसम और फसल के हिसाब से खेती का आकलन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। उनका कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए बिहार में खेती से जुड़ी जानकारी को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
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