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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के मांडू प्रखंड की लइयो दक्षिणी पंचायत के तीतरमरवा गांव में बुधवार की रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर तबाही मचाई। पास के जंगल से भटककर आए हाथियों ने खेतों में घुसकर तीन किसानों की तैयार मक्के की फसल को पैरों तले कुचल दिया। कुछ ही देर में महीनों का पसीना और गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल गई। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे, तो वहां केवल टूटे हुए भुट्टे और बिखरे पौधे नजर आ रहे थे। इस नुकसान के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में रात भर जागने की नौबत आ गई है।
सन्नाटे में आहट से मची भगदड़, ग्रामीणों ने शोर मचाकर झुंड को खदेड़ा
बुधवार की देर रात जब गांव के लोग गहरी नींद में थे, तभी हाथियों का एक झुंड जंगल से निकलकर तीतरमरवा के खेतों की ओर बढ़ गया। भारी कदमों की आहट और फसलों के टूटने की आवाज सुनकर पास के घरों में सो रहे लोग चौंक पड़े। देखते ही देखते खबर पूरे गांव में फैल गई और सन्नाटा चीख-पुकार में बदल गया। ग्रामीण लाठी-डंडे और मशालें लेकर खेतों की तरफ भागे। अंधेरे के बीच लोगों ने एक साथ थालियां पीटकर और जोर-जोर से शोर मचाकर हाथियों को रिहायशी इलाके से दूर धकेलने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद झुंड वापस जंगल की ओर मुड़ा, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।
मणिलाल, दुलांचल और भुनेश्वर की मेहनत पर फिरा पानी
इस उत्पात में गांव के तीन किसानों मणिलाल रजवार, दुलांचल रजवार और भुनेश्वर रजवार को सबसे तगड़ा झटका लगा है। तीनों किसानों ने कई महीनों से खून-पसीना एक करके मक्के की फसल खड़ी की थी। भुट्टे पूरी तरह तैयार थे और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन हाथियों ने फसल का एक बड़ा हिस्सा खाकर और पैरों से रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खाद और बीज का इंतजाम किया था। अब फसल चौपट होने के बाद उनके सामने घर चलाने और कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है।
इलाके में पहरेदारी शुरू, वन विभाग से मुआवजे की गुहार
घटना के बाद तीतरमरवा और लइयो के आसपास के इलाकों में लोग बुरी तरह डरे हुए हैं। जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले परिवारों को डर सता रहा है कि खाने-पीने की तलाश में झुंड फिर किसी भी रात गांव का रुख कर सकता है। इसी डर से युवा और बुजुर्ग रात में जागकर टोलियों में पहरा दे रहे हैं। गांव के लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि इलाके में तुरंत गश्त बढ़ाई जाए और हाथियों को रोकने के कड़े इंतजाम किए जाएं। इसके साथ ही प्रभावित खेतों का मुआयना कर पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें इस संकट से थोड़ी राहत मिल सके।
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