अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : झारखंड के जंगलों में पिछले डेढ़ दशक से एक नाम बार-बार पुलिस की फाइलों में दर्ज होता रहा। कभी लेवी वसूली, कभी ठेकेदारों को धमकी, कभी निर्माण कार्यों पर फायरिंग और कभी हत्या की साजिश। यह नाम था अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या का। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI का यह स्टेट चीफ लंबे समय से पुलिस के लिए सबसे बड़े सिरदर्दों में शामिल था। लेकिन अब कहानी बदल गई है। रांची पुलिस ने 10 लाख रुपये के इनामी इस नक्सली को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी राकेश रंजन का दावा है कि अमृत होरो की गिरफ्तारी सिर्फ एक उग्रवादी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि PLFI के बचे हुए शीर्ष नेतृत्व पर सबसे बड़ा प्रहार है। यही वजह है कि वे इसे संगठन के “लास्ट चैप्टर” बता रहे हैं। साथ ही कह रहे कि सूर्या की गिरफ्तारी PLFI की ताबूत में आखिरी कील जैसा है।
जंगल का वह रास्ता, जहां खत्म हुई फरारी की कहानी
महुगांव के जंगलों में देर रात सन्नाटा पसरा था। रूरल एसपी गौरव गोस्वामी की देखरेख और बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम चुपचाप अपनी रणनीति पर काम कर रही थी। एसएसपी को मिली सूचना सटीक थी कि अमृत होरो अपने साथियों के साथ इलाके में मौजूद है और किसी बड़ी घटना की तैयारी चल रही है। रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित टीम ने जंगल में घेराबंदी शुरू की। काफी देर तक चले अभियान के बाद पुलिस ने एक हथियारबंद शख्स को दबोच लिया। पूछताछ शुरू हुई तो सामने आया कि पकड़ा गया शख्स कोई साधारण उग्रवादी नहीं, बल्कि PLFI का स्टेट चीफ अमृत होरो है। एक समय जो पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए लगातार ठिकाने बदलता था, वह अब पुलिस के शिकंजे में था।
16 साल का खौफ, 50 से ज्यादा मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि अमृत होरो करीब 16 वर्षों से एक्टिव था। इस दौरान उसने झारखंड के कई जिलों में अपना नेटवर्क खड़ा किया। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और चाईबासा समेत कई जिलों में उसके खिलाफ 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी, फायरिंग और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप उसके नाम से जुड़े रहे। ग्रामीण इलाकों में कई लोग उसका नाम सुनकर ही खौफ खा जाते थे। ठेकेदारों और कारोबारियों के बीच उसकी पहचान ऐसे शख्स की थी, जिसकी धमकी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता था।
फोन की घंटी बजती थी और शुरू हो जाता था डर का खेल
पुलिस पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वे बताती हैं कि PLFI का नेटवर्क अब पुराने तरीके से नहीं चल रहा था। अमृत होरो उर्फ सूर्या और उसके साथी मोबाइल फोन और सोशल मीडिया एप के जरिए ठेकेदारों, व्यवसायियों और निर्माण कंपनियों से संपर्क करते थे। उनसे मोटी रकम की लेवी मांगी जाती थी। जो पैसे देने को तैयार नहीं होते, उन्हें अंजाम भुगतने की चेतावनी दी जाती थी। कई मामलों में धमकियों को सच साबित करने के लिए फायरिंग और तोड़फोड़ की घटनाएं भी अंजाम दी गईं।
हत्या, फायरिंग और करोड़ों की रंगदारी… अपराधों की लंबी गाथा
अमृत होरो का नाम कई चर्चित मामलों में सामने आया। साल 2023 में लापुंग के हुलसू गांव निवासी राजेश कुमार साहू की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया था। इस मामले में भी उसका नाम सामने आया। इसके बाद जलमीनार निर्माण कार्य में 20 लाख रुपये की लेवी मांगने का मामला चर्चा में रहा। खूंटी में रेल लाइन परियोजना स्थल पर फायरिंग, रोड रोलर जलाना और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने जैसी घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। लोहरदगा में राशन दुकान संचालक से लेवी मांगने और पश्चिमी सिंहभूम में संगठन के अंदरूनी विवाद में हत्या के आरोप भी उस पर लगे। इन घटनाओं ने उसे झारखंड के मोस्ट वांटेड उग्रवादियों की सूची में पहुंचा दिया था।
जब संगठन बिखरने लगा, तब भी बना रहा शीर्ष चेहरा
एक समय PLFI का नेटवर्क झारखंड के कई जिलों में सक्रिय था। लेकिन लगातार पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और मुठभेड़ों के बाद संगठन कमजोर पड़ता गया। इसके बावजूद अमृत होरो संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बना रहा। पुलिस का मानना है कि वह बचे हुए कैडरों को सक्रिय रखने और लेवी नेटवर्क को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। यही कारण था कि पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
बरामदगी ने खोले कई राज
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और नक्सली साहित्य बरामद किया है। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की मदद से उसके नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से कई और उग्रवादियों तथा सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
SSP बोले- अमृत की गिरफ्तारी PLFI के ताबूत में आखिरी कील
एसएसपी राकेश रंजन का कहना है कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया हो चुका है और अमृत की गिरफ्तारी PLFI के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकती है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही संगठन का आखिरी चैप्टर क्लोज हो चुका है।
10 लाख का इनामी उग्रवादी और PLFI स्टेट चीफ अमृत होरो गिरफ्तार। रांची SSP राकेश रंजन बोले ये PLFI की ताबूत में आखिरी कील… देखें#AmritHoro #PLFI #JharkhandNews #RanchiPolice #BreakingNews #NewsSamvad #TodayNews #LatestNews #TrendingNews pic.twitter.com/lHbD3UAPWB
— News Samvad (@newssamvaad) May 29, 2026
सराहनीय रही इनकी भूमिका
स्टेट चीफ अमृत होरो उर्फ सूर्या को दबोचने में डीएसपी बेड़ो दीपक कुमार, सर्कल इंस्पेक्टर उत्तम कुमार उपाध्याय, लापुंग थानेदार गोविंद कुमार, बेड़ो थानेदार मो. कफील अहमद, एसआई राजेंद्र कुमार महतो और उत्तम कुमार पासवान की भूमिका सराहनीय रही।
इसे भी पढ़ें : PLFI चीफ अमृत होरो गिरफ्तार, शादी में जाने से पहले रांची पुलिस ने दबोचा

