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Ranchi : राजधानी रांची की सड़कों पर हादसों को रोकने और लोगों को ट्रैफिक नियमों की आदत डलवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह की देखरेख में रांची ट्रैफिक पुलिस 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक सात दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। इस पूरे अभियान का नारा दिया गया है… “सुरक्षित सफर, सुखद कल”।
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह का साफ कहना है कि सड़क पर बनाए गए नियम सिर्फ जुर्माना लगाने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह लोगों की जान बचाने और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए तय किए गए हैं। इस सात दिन के अभियान में हर दिन एक खास नियम पर फोकस किया जाएगा।
जानिए किस दिन किस नियम पर रहेगा पूरा जोर
- पहला दिन (28 सितंबर) : हेलमेट पहनें, जीवन बचाएं… अभियान के पहले दिन दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा। पुलिस की अपील है कि चालक सिर्फ औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि अच्छी क्वालिटी का आईएसआई मार्का हेलमेट ही पहनें। पोस्टर पर संदेश दिया गया है कि घर पर आपका परिवार इंतजार कर रहा है, इसलिए लापरवाही बिल्कुल न बरतें।
- दूसरा दिन (29 सितंबर) : सीट बेल्ट लगाएं और सुरक्षित रहें… चार पहिया गाड़ी चलाने वालों के लिए दूसरा दिन तय किया गया है। कार में बैठते ही सबसे पहले सीट बेल्ट लगाने की आदत डालें। पुलिस के अनुसार सीट बेल्ट 100 फीसदी लगाने से दुर्घटना के वक्त जान का खतरा बहुत कम हो जाता है।
- तीसरा दिन (30 सितंबर) : गाड़ी चलाते समय मोबाइल से तौबा… ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करना, चैट करना या सोशल मीडिया देखना बेहद खतरनाक है। तीसरे दिन वाहन चालकों को समझाया जाएगा कि ड्राइविंग के वक्त मोबाइल पर ध्यान भटकाना जानलेवा हो सकता है, इसलिए पूरा ध्यान सिर्फ सड़क पर रखें।
- चौथा दिन (1 अक्टूबर) : तेज रफ्तार जीवन पर भारी… चौथे दिन ओवरस्पीडिंग यानी तेज गाड़ी चलाने वालों पर नजर रहेगी। पुलिस का संदेश है कि तेज रफ्तार से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शहर में तय स्पीड लिमिट (जैसे 60 किमी प्रति घंटा) में ही गाड़ी चलाएं ताकि समय पर सुरक्षित पहुंच सकें।
- पांचवां दिन (2 अक्टूबर): लाल बत्ती का सम्मान करें… गांधी जयंती के दिन ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने पर जोर रहेगा। ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती देखकर गाड़ी रोकना कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। लाल बत्ती तोड़ना न केवल कानूनी जुर्म है, बल्कि इससे सीधे टक्कर होने का जोखिम रहता है।
- छठा दिन (3 अक्टूबर) : पैदल चलने वालों को दें रास्ता… इस दिन राहगीरों की सुरक्षा का संदेश दिया जाएगा। जेब्रा क्रॉसिंग का सही इस्तेमाल करने, स्कूल जोन और ज्यादा भीड़ वाले बाजारों में गाड़ी की रफ्तार धीमी रखने की हिदायत दी जाएगी ताकि पैदल चल रहे लोग सुरक्षित रह सकें।
- सातवां दिन (4 अक्टूबर) : शराब पीकर गाड़ी चलाना बंद करें… अभियान के आखिरी दिन नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्ती का संदेश रहेगा। शराब पीकर ड्राइविंग करना गंभीर अपराध है। एक छोटी सी भूल कई मासूमों की जिंदगी दांव पर लगा सकती है, इसलिए नशा करके कभी भी स्टेयरिंग न थामें।
सड़क सुरक्षा के 5 सुनहरे नियम
ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सहूलियत के लिए 5 मुख्य बातों पर अमल करने की सलाह दी है:
- धीमी रफ्तार : गाड़ी हमेशा काबू में रखें और धीरे चलाएं ताकि सुरक्षित पहुंचें।
- ध्यान न भटकाएं : वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाकर रखें।
- हेलमेट जरूर लगाएं : बाइक या स्कूटी पर बैठते ही सिर पर हेलमेट होना चाहिए।
- सीट बेल्ट बांधें : चार पहिया वाहन में बैठते ही बेल्ट लगाना न भूलें।
- नशे से दूर रहें : शराब या किसी भी तरह के नशे में वाहन न चलाएं।
लेन अनुशासन बनाएं, सुरक्षित रांची बनाएं
रांची ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपनी लेन में ही गाड़ी चलाएं और ओवरटेक करते समय पूरी सावधानी रखें। पुलिस का कहना है कि अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी रांची की सड़कें सुरक्षित बन सकेंगी।
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