अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : झारखंड के सीएम हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। यह बैठक जगुआर कैंपस, रिंग रोड रांची में बनने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर को लेकर हुई। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने स्कूल की पूरी योजना रखी और बताया कि स्कूल कैसे बनेगा, क्या सुविधाएं रहेंगी और कब तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि स्कूल के लिए जगुआर कैंपस में ही जल्दी जमीन चिन्हित कर ली जाए ताकि निर्माण का काम समय पर शुरू हो सके।
अफसरों ने प्रेजेंटेशन देकर समझाई पूरी योजना
बैठक के दौरान अधिकारियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए सीएम को स्कूल के निर्माण से जुड़ी पूरी जानकारी दी। इसमें स्कूल का नक्शा, भवन निर्माण, छात्रावास, खेल मैदान, क्लासरूम और बाकी सुविधाओं को लेकर विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि स्कूल के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है और जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है।

शहीद जवानों के बच्चों को मिलेगा सबसे पहले मौका
सीएम हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि शहीद पुलिसकर्मियों, आर्मी और सीपीएमएफ में काम कर रहे जवानों के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर मौका मिले। उन्होंने कहा कि जो जवान देश और राज्य की सुरक्षा में लगे हैं, उनके परिवारों को सरकार हर तरह से सहयोग देना चाहती है। इसी वजह से इस स्कूल में शहीद जवानों के बच्चों को खास प्राथमिकता दी जाएगी।
कक्षा 1 से 12 तक होगी पढ़ाई
सरकार की योजना के अनुसार इस स्कूल में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ाई कराई जाएगी। यानी बच्चे शुरू से लेकर इंटर तक इसी स्कूल में पढ़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्कूल की पढ़ाई ऐसी हो कि बच्चों को बाहर जाने की जरूरत न पड़े और यहीं उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके।
स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और आईसीटी लैब पर जोर
सीएम ने बैठक में साफ कहा कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के लिए सभी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, आईसीटी लैब और पढ़ाई से जुड़ी आधुनिक व्यवस्था जरूर हो। मुख्यमंत्री ने खेलकूद की सुविधा पर भी ध्यान देने को कहा और निर्देश दिया कि स्कूल में खेल मैदान और बच्चों के लिए जरूरी खेल सामग्री की व्यवस्था हो।
छात्र-छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल बनाने का निर्देश
सीएम ने कहा कि कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा होनी चाहिए। इसके लिए स्कूल परिसर में अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाएं ताकि लड़कों और लड़कियों को रहने में कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए खाना, सुरक्षा, साफ-सफाई और पढ़ाई का माहौल बेहतर होना चाहिए।
सीएम बोले- स्कूल का संचालन बेहतर होना चाहिए
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ स्कूल बना देना काफी नहीं है। स्कूल का संचालन भी अच्छे तरीके से हो। शिक्षक, पढ़ाई का स्तर और बच्चों की देखभाल हर मामले में व्यवस्था मजबूत रहे। उन्होंने कहा कि यह स्कूल राज्य के लिए एक मॉडल स्कूल बनना चाहिए, ताकि बाकी जगहों के लिए भी यह उदाहरण बन सके।
जैप-10 होटवार में पुलिस परिवारों के लिए अस्पताल पर भी चर्चा
बैठक में सीएम ने जैप-10 होटवार, रांची में प्रस्तावित अस्पताल को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि यह अस्पताल पीपीपी मोड पर चलाया जाएगा। शुरुआत में अस्पताल में 50 बेड होंगे और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाकर 100 बेड तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में इलाज की सुविधा अच्छी होनी चाहिए और वहां विशेषज्ञ डॉक्टर भी मौजूद रहें, ताकि पुलिस परिवारों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग अजय कुमार सिंह, डीजीपी तदाशा मिश्रा, सचिव स्कूली शिक्षा विभाग उमाशंकर सिंह, एडीजी मुख्यालय सह सीआईडी मनोज कौशिक, डीआईजी जगुआर अनूप बिरथरे, डीआईजी बजट संध्या रानी मेहता समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का साफ निर्देश, काम में देरी नहीं होनी चाहिए
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को कहा कि जमीन चिन्हित करने से लेकर निर्माण कार्य और स्कूल संचालन तक, हर काम समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह स्कूल राज्य के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें : बाजार से लौट रहे दंपति पर बीच सड़क ताबड़तोड़ बरसाई गोलियां, फिर…



