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Sitamarhi : बिहार के सीतामढ़ी में शनिवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया और रामपट्टी चौक के पास बने पथरिया श्मशान घाट के करीब अपराधियों ने जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो को छलनी कर दिया। वे रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। तभी बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और चार पिस्तौलों से एक के बाद एक 10 राउंड गोलियां दाग दीं। बैद्यनाथ महतो के शरीर में 8 गोलियां लगीं और वे खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। मृतक वार्ड संख्या 13 की जिला परिषद सदस्य दिलखुश देवी के पति थे। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्या के मुख्य आरोपी का घर फूंक दिया और हालात संभालने पहुंचे पुलिस अफसरों पर भी गुस्सा उतारते हुए 8 गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ कर दी।
शराब के अवैध धंधे का विरोध बना जानलेवा, 14 दिन पहले भी हुई थी फायरिंग
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे गांव में धड़ल्ले से चल रहा अवैध शराब का कारोबार सामने आया है। ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक गांव का ही त्रिभुवन कुशवाहा उर्फ एजाज अपने साथियों के साथ शराब की तस्करी करता था। बैद्यनाथ महतो लगातार इस अवैध धंधे का विरोध कर रहे थे और उसे टोकते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। बैद्यनाथ की नातिन, जो घटना के वक्त उनसे कुछ ही दूरी पर टहल रही थी, उसने बताया कि 28 अगस्त की रात करीब डेढ़ बजे आरोपियों ने उनके घर की खिड़की से फायरिंग की थी। गोली उसके भाई के पास से निकल गई थी। उस वक्त बिस्तर से कारतूस भी बरामद हुआ था। पंचायत बैठाकर भी आरोपियों को समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे लगातार बैद्यनाथ महतो को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।

3 घंटे की देरी से पहुंची खाकी पर भड़का गुस्सा, गाड़ियों में की तोड़फोड़
वारदात सुबह करीब 6 बजे हुई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस तीन घंटे बाद यानी 9 बजे घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों का गुस्सा डुमरा पुलिस के रवैये पर फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि 28 अगस्त को हुई फायरिंग के बाद जब 200 ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया था, तब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपी के पिता को पकड़ा जरूर, लेकिन हत्या से ठीक एक शाम पहले उसे छोड़ दिया। इसी लापरवाही और मिलीभगत के आरोपों के बीच जब एसपी, एसडीएम और 12 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची तो भीड़ बेकाबू हो गई। अधिकारियों की गाड़ियों समेत कुल 8 वाहनों को लाठी-डंडों से तोड़ दिया गया। पूर्व एमएलसी राज किशोर कुशवाहा ने भी थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोपी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और फरार बदमाशों को पकड़ने के लिए छापेमारी चल रही है।
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