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Home » जंगल-पहाड़ के बीच तालाब से मिला रेलवे चोरी का माल, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
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जंगल-पहाड़ के बीच तालाब से मिला रेलवे चोरी का माल, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

May 13, 2026No Comments4 Mins Read
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रेलवे
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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ में रेलवे ट्रैक सेंसर चोरी के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी कामयाबी मिली है। हेंदेगीर कोले रेलवे स्टेशन के बीच हुई इस सनसनीखेज चोरी में करीब 1.80 लाख रुपये की रेल संपत्ति बरामद कर ली गई है। हालांकि इस पूरे खेल का मुख्य आरोपी गुड्डू मलिक अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि चोरी सिर्फ सामान की नहीं थी, बल्कि इससे रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ था। रेलवे ट्रैक पर लगे सेंसर सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं।

रात के अंधेरे में उखाड़ ले गए ट्रैक सेंसर

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, 10 और 11 अप्रैल की रात हेंदेगीर कोले रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या 137/06 से 138/07 के बीच अज्ञात बदमाशों ने रेलवे ट्रैक से 11 ट्रैक सेंसर और क्लैंप असेंबली उखाड़ ली थी। घटना सामने आने के बाद रेलवे विभाग और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि चोरी से रेलवे को करीब 1.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

आरपीएफ ने दर्ज किया केस, जांच तेज हुई

मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ पोस्ट पतरातू में कांड संख्या 04/2026 दर्ज किया गया। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अनधिकृत कब्जा) अधिनियम और रेल अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस केस की जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह को सौंपी गई। इसके बाद तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

मोबाइल डंप डाटा से खुला राज

जांच के दौरान आरपीएफ ने मोबाइल डंप डाटा खंगाला। इसी कड़ी में पुलिस को अहम सुराग मिला और 6 मई को राजेंद्र कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया गया। राजेंद्र कुमार महतो हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र के बड़की मेडी पताल गांव का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान उसके पास से सेंसर खोलने में इस्तेमाल किए गए रिंच और कटर भी बरामद किए गए। पुलिस को यहीं से पूरा मामला खुलने की उम्मीद मिली।

मोटरसाइकिल से पहुंचाई गई थी चोरी की संपत्ति

7 मई को आरोपी को रेलवे न्यायालय डाल्टनगंज में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड मिली। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर 8 मई को चोरी की रेल संपत्ति ढोने में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल जब्त की गई। बाइक का नंबर JH 02R 8272 बताया गया है। इस बरामदगी के बाद जांच टीम को भरोसा हो गया कि गिरोह में और लोग भी शामिल हैं।

तालाब में छिपाकर रखा था रेलवे का सामान

12 मई को मुखबिर से मिली सूचना के बाद आरपीएफ, सीआईबी और बरकाकाना की टीम ने बुढ़मू थाना पुलिस के साथ मिलकर ईचापीरी गांव में छापेमारी की। टीम जैसे ही गांव पहुंची, मुख्य आरोपी गुड्डू मलिक जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने मौके पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान तालाब की मेढ़ से चोरी का भारी मात्रा में रेलवे सामान बरामद किया गया। इससे साफ हो गया कि चोरी के बाद सामान को छिपाकर रखा गया था ताकि मौका मिलने पर उसे ठिकाने लगाया जा सके।

क्या-क्या हुआ बरामद

छापेमारी में पुलिस ने रेलवे का अहम सामान बरामद किया। इनमें 8 ट्रैक सेंसर, 1 टूटा हुआ सेंसर, 1 पूरा सेंसर सेट, 2 डिफ्लेक्टर सेट, 5 सेंसर असेंबली, 3.5 किलो नट-बोल्ट, 9 पेंड्रोल क्लिप और करीब 30 फीट केबुल शामिल हैं। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी

आरपीएफ का कहना है कि मुख्य आरोपी गुड्डू मलिक की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही बाकी चोरी गई रेल संपत्ति को भी बरामद करने की कोशिश जारी है। जांच एजेंसियों को शक है कि इस चोरी के पीछे संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है, जो रेलवे के तकनीकी सामान को निशाना बनाकर कबाड़ या दूसरे नेटवर्क में खपाने का काम करता है।

इसे भी पढ़ें : हाथ छूटा… जिंदगी फिसली… फिर मौ’त के जबड़े से खींच लायी RPF

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