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Ranchi : रांची के सुखदेवनगर थानेदार अशोक कुमार और थाने के मुंशी परशुराम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें शादी से पहले दूल्हा ने आत्महत्या कर ली थी और परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।
आईजी के निर्देश पर की गई कार्रवाई
डीजीपी तदाशा मिश्रा के आदेश के बाद आईजी रांची मनोज कौशिक के निर्देश पर रांची एसएसपी राकेश रंजन ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। आईजी ने सस्पेंशन की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।
परिवार ने लगाया रुपये लेने का आरोप
29 नवंबर की रात किशोरगंज रोड नंबर 5 में शादी की तैयारियों के बीच नितेश पांडेय की मौत की खबर आने से घर में मातम छा गया। रेलवे में कार्यरत नितेश की उसी दिन शादी होनी थी। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले प्रियंका नाम की एक लड़की ने नितेश पर यौन शोषण का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था। परिवार का दावा है कि बिना किसी जांच के उसे थाने में हिरासत में रखा गया और छुड़ाने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की गई।
मुंशी पर दो से दस लाख तक मांगने का आरोप
नितेश के भाई नीरज पांडेय ने बताया कि मुंशी परशुराम कभी एक लाख तो कभी दो लाख की मांग करता था। कभी सिटी एसपी के नाम पर तो कभी कोतवाली डीएसपी के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। भाई के अनुसार, थाने से छूटने के बाद भी आरोप लगाने वाली लड़की लगातार नितेश को परेशान कर रही थी, जिसकी वजह से उसने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली।
डीजीपी ने लिया था संज्ञान
मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लिया। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने आईजी रांची को जांच की जिम्मेदारी दी और संबंधित पुलिसकर्मियों को तुरंत लाइन हाजिर करने का आदेश दिया। पुलिस मुख्यालय ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि दूल्हे की आत्महत्या की खबर सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।
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