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New Delhi : गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा (ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर) को लेकर उठे विवाद और आरोपों पर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने पूर्णविराम लगा दिया है। शीर्ष अदालत ने वनतारा को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए साफ कहा कि संस्था का कार्य पशु कल्याण और संरक्षण के लिए समर्पित है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि वनतारा के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है। अदालत ने न केवल आरोपों को खारिज किया, बल्कि भविष्य में इसी तरह की शिकायतों और कार्यवाहियों पर भी रोक लगा दी। हालांकि कोर्ट ने वनतारा और संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा सुझाए गए उपायों पर विचार करें और उन्हें लागू करें।
एसआईटी की रिपोर्ट बनी आधार
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित चार सदस्यीय एसआईटी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर ने की थी, ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि वनतारा में अनुपालन और नियमों की पालना संतोषजनक पाई गई है। कोर्ट ने रिपोर्ट को गोपनीय रखने का आदेश दिया, हालांकि वनतारा को अपने उपयोग के लिए इसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।
“मानवता की आत्मा की देखभाल कर रही वनतारा”
कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए वनतारा के प्रवक्ता ने कहा – “हम अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता के साथ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि हमारे पशु कल्याण मिशन पर लगाए गए आरोप निराधार थे। हमारे द्वारा बचाया गया प्रत्येक जानवर हमें याद दिलाता है कि वे हमसे अलग नहीं हैं। जब हम उनकी देखभाल करते हैं, तो हम मानवता की आत्मा की भी देखभाल कर रहे होते हैं।”
वनतारा के खिलाफ दाखिल की गयी थी दो याचिकाएं
यहां याद दिला दें कि मीडिया रिपोर्ट्स, सोशल मीडिया चर्चाओं और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की शिकायतों के आधार पर वनतारा के खिलाफ दो जनहित याचिकाएं दाखिल हुई थीं। इन्हीं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को एसआईटी के गठन का आदेश दिया था।
एक मिसाल बना वनतारा
आज जब पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केवल वनतारा के लिए राहत नहीं, बल्कि उन सभी संस्थाओं के लिए प्रेरणा है जो पशु कल्याण और संरक्षण के मिशन को आगे बढ़ा रही हैं।
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