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Palamu : बकरी बांधने को लेकर हुए लफड़े में पिटायी से जख्मी एक विवाहिता की इलाज के दौरान 21 दिन बाद मौत हो गई। मृतका की शिनाख्त 42 साल की शांति देवी के तौर पर की गयी। इल्जाम है कि शांति की जेठानी 45 साल की फूलमतीया देवी ने अपनी दो बेटियों रंजू (22) और अंजू (19) के साथ मिलकर उसे दमतक पीटा था। लकड़ी के बने पीढ़े से उसपर वार किया गया था। रांची के प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेठानी और उसकी दो बेटियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के दिनादाग गांव से सामने आयी है।
वारदात को बीते तीन अप्रैल को अंजाम दिया गया था। मृतका के पति मदन यादव के अनुसार फूलमतीया देवी और उनकी बेटियां रंजू और अंजू ने शांति देवी को लाठी-डंडे और लकड़ी के पीढ़े से मारा था। इस हमले में शांति की रीढ़ और गर्दन की हड्डी टूट गई थी। गंभीर हालत में उसे पहले छतरपुर के अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। फिर उन्हें मेदिनीनगर के एमआरएमसीएच रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर रिम्स रांची और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 24 अप्रैल को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मृतका के बेटे मुन्ना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित महिला और उसकी दोनों बेटियों को गिरफ्तार कर लिया है। थानेदार प्रशांत प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले से जमीन विवाद चल रहा था। आरोपियों का कहना है कि शांति देवी उनकी जमीन में बकरी बांध रही थीं, जिस पर विवाद हुआ था।
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