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Pakur (Jaydev Kumar) : 16 मई की वह रात पाकुड़ के महेशपुर इलाके के एक परिवार के लिए किसी काले साये की तरह आई थी। घड़ी में अभी रात के करीब 8:30 ही बजे थे, जब एक 13 साल की मासूम बच्ची की चीखों ने पूरे इलाके की इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। कुछ दरिंदों ने मिलकर उस मासूम के बचपन और उसकी रूह को लहूलुहान कर दिया था। जब यह खबर बच्ची के रोते-बिलखते परिजनों तक पहुंची, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन इस बेहद संवेदनशील और दुखद घड़ी में पाकुड़ पुलिस ने जिस संवेदनशीलता और तेजी के साथ कदम उठाया, उसने न सिर्फ कानून के प्रति विश्वास को जगाया, बल्कि पीड़ित परिवार को यह ढाढस भी बंधाया कि वे इस इंसाफ की लड़ाई में अकेले नहीं हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी अनुदीप सिंह ने बिना एक पल गंवाए एक्शन मोड ऑन किया और गठित एसआईटी महज 4 घंटे के भीतर इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश करते हुए सभी आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।
जब पुलिस कप्तान ने खुद संभाली कमान
एक मासूम के साथ हुई इस हैवानियत की खबर जैसे ही पाकुड़ के एसपी अनुदीप सिंह तक पहुंची, उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने और आरोपियों को उनके किए की सजा दिलाने के लिए एसपी के निर्देश पर तुरंत एक SIT का गठन किया गया। इस एसआईटी का नेतृत्व महेशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपा गया। टीम को साफ निर्देश थे कि आरोपी चाहे जमीन के अंदर ही क्यों न छुपे हों, उन्हें सुबह होने से पहले सलाखों के पीछे होना चाहिए।
हाईटेक तकनीक और इंसानी इनपुट का सटीक तालमेल
रात के सन्नाटे में शुरू हुआ पुलिस का यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। एसआईटी ने इस अंधी वारदात को सुलझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। एक तरफ जहां पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए इंसानी इनपुट और मुखबिरों को एक्टिव किया गया, वहीं दूसरी तरफ वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों यानी साइबर सेल की मदद का सहारा लिया गया। कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और पुलिस की टीमें संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी करने लगीं। पुलिस की इस तत्परता का नतीजा यह हुआ कि वारदात के महज 4 घंटे के भीतर, जब आरोपी भागने की फिराक में थे, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी, दो नाबालिग भी शिकंजे में
पुलिस ने इस दरिंदगी में शामिल पांच बालिग आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के नाम अभिनाव सोरेन, बबुता सोरेन उर्फ खबीलाल सोरेन, असार टुडू, बाबून हेंब्रम उर्फ बुधिश्वर हेंब्रम और कार्तिक मुर्मू बताए गए। इन पांचों के अलावा, इस घिनौने अपराध में दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिन्हें पुलिस ने कानून के मुताबिक अपनी कस्टडी में लिया है। पुलिस के अनुसार, इन सभी आरोपियों को कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया जा रहा है।
इस टीम ने पेश की मुस्तैदी की मिसाल
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने और आरोपियों को दबोचने में महेशपुर के एसडीपीओ के साथ-साथ महेशपुर, रधीपुर और पाकुड़िया थाना के पुलिस अधिकारियों और जिला पुलिस के सशस्त्र बल के जवानों ने जान लड़ा दी। रातभर चले इस ऑपरेशन के बाद इलाके के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। भले ही पीड़ित मासूम के मन पर लगा यह जख्म वक्त के साथ ही भरेगा, लेकिन पाकुड़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया है कि कानून के हाथ अपराधियों तक पहुंचने में देर नहीं लगाते।
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