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Godda : जिस श्ख्स की पहचान कोर्ट में न्याय देने वाले के रूप में होती है, उसी पर अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रचने का इल्जाम सामने आया है। गोड्डा के पथरगामा थाना क्षेत्र में महिला पर गोली चलाने की सनसनीखेज घटना की जांच में पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि घायल महिला के जज पति ने ही दो लाख रुपये की सुपारी देकर पत्नी को मरवाने की योजना बनाई थी। महिला के पति बिहार में ज्यूडिशियल जज हैं। यह खुलासा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भरोसे को झकझोर देने वाला भी है।
सड़क पर चली गोली, रिश्ते की सच्चाई सामने आई
गोड्डा एसपी मुकेश कुमार ने मीडिया को बताया कि बीते 17 जनवरी की शाम गांधीग्राम चौक के पास वंदना कुमारी बाइक पर सवार होकर गोड्डा से लौट रही थीं। तभी पीछे से आए बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोली चला दी। गोली लगते ही वंदना सड़क पर गिर पड़ीं। राहगीरों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाई। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि यह हमला किसी बाहरी दुश्मनी का नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद का नतीजा है।
कोर्ट केस से छुटकारा पाने की खौफनाक योजना
एसपी के मुताबिक, वंदना और उसके पति के बीच गोड्डा सिविल कोर्ट में मामला चल रहा था। इसी कानूनी उलझन से बाहर निकलने के लिए पति ने हत्या की राह चुनी। दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ और शूटरों को काम सौंप दिया गया। चलती बाइक पर गोली चलाने का मकसद साफ था, ताकि मामला हादसा या आपराधिक घटना लगे।
एसआईटी ने जोड़ा सबूतों का पूरा सिलसिला
घटना के बाद जख्मी महिला के फर्दबयान पर पथरगामा थाना में मामला दर्ज किया गया। एसपी मुकेश कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अशोक रविदास के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और घटनास्थल से मिले सुरागों ने पूरी साजिश को उजागर कर दिया। पुलिस ने श्याम कुमार साह, सुबोध कुमार साह और मो आरिफ को गिरफ्तार किया। तीनों संदेही गुनहगार बिहार के भागलपुर के रहने वाले हैं। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो बाइक, एक देशी कट्टा, तीन हेलमेट, तीन मास्क और गोली का हिस्सा बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच अंतिम चरण में है।
जिंदा बची महिला, टूट चुका भरोसा
गोली ने वंदना की जान नहीं ली, लेकिन भरोसे को गहरे जख्म दे गई। वह आज अस्पताल के बिस्तर पर है और उस सच्चाई से जूझ रही है कि उसका जीवनसाथी ही उसकी मौत की योजना बना रहा था। शारीरिक दर्द से ज्यादा दिले-दिमार पर लगी चोट गहरी है।
सराहनीय रही इनके भूमिका
इस कांड का खुलासा करने में गोड्डा एसडीपीओ अशोक रविदास, ट्रेनी डीएसपी कुमार गौरव, पथरगामा के सर्किल इंस्पेक्टर विष्णुदेव चौधरी, नगर थानेदार इंस्पेक्टर दिनेश कुमार महली, पथरगामा थानेदार शिवदयाल सिंह, महागामा थाना प्रभारी मनोज कुमार पाल, हनवारा थाना प्रभारी ध्रुव कुमार, ललमटिया थानेदार रौशन कुमार, रौतारा टीओपी प्रभारी राज गुप्ता, एसआई पंकज कुमार, रोमा कुमारी, रोहित कुमार यादव, अंकित कुमार झा, एएसआई गौरव कुमार और खालिद अहमद खां की भूमिका सराहनीय रही।
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