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Ranchi : झारखंड CID की रांची साइबर क्राइम थाना ने ऑनलाइन निवेश ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले से एक आरोपी दीप मजुमदार (36 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। वह कुशमांडी थाना क्षेत्र के सालेकुड़ी गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, सिम कार्ड और व्हाट्सएप चैट बरामद की है।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगे गए करोड़ों रुपये
CID की डीएसपी नेहा बाला ने बताया कि यह मामला साइबर क्राइम थाना कांड संख्या 109/25, दिनांक 10 सितंबर 2025 का है। वादी ने शिकायत की थी कि कुछ अज्ञात साइबर अपराधियों ने “FYERS HNI” नाम से एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप बनाकर लोगों को निवेश के लिए फंसाया। पीड़ित को “FYERS SECURITIES PRIVATE LIMITED” नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज नए निवेश ऑफर भेजे जाते थे। बाद में उसे “FYERS” नाम का ऐप डाउनलोड करने को कहा गया, जिसमें नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा बनाया गया। इस झांसे में आकर उसने अलग-अलग खातों में करीब 3 करोड़ 75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
आरोपी के पास से मिले अहम सबूत
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से दीप मजुमदार को पकड़ा। उसके मोबाइल और व्हाट्सएप चैट से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनसे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
बंधन बैंक खाते से जुड़े कई मामले
जांच में यह भी सामने आया कि इस ठगी में उपयोग हुआ बंधन बैंक खाता संख्या 20100033764211 पहले से कई राज्यों में साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो चुका है। इस खाते से संबंधित 17 शिकायतें मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दर्ज हैं।
लोगों को चेतावनी और सतर्क रहने की अपील
साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे व्हाट्सएप, टेलीग्राम या गूगल विज्ञापनों में मिलने वाले किसी भी निवेश ऑफर या लिंक पर भरोसा न करें। किसी अज्ञात खाते या यूपीआई आईडी में पैसा ट्रांसफर करने से बचें। निवेश हमेशा सरकारी मान्यता प्राप्त ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ही करें। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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