अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : रात के करीब 11 बजे होंगे। पाकुड़ शहर की सड़कें सूनी थीं, लेकिन कोयला रोड की तरफ अचानक हलचल बढ़ गई। दर्जनों पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अफसर और खनन विभाग की टीम हाथों में टॉर्च लिए ट्रकों को रोक रहे थे। किसी का इंजन बंद कराया जा रहा था, किसी के दस्तावेज खंगाले जा रहे थे। यह कोई सामान्य जांच नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन की बड़ी मुहिम थी… अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर लगाम कसने की।
रात में चला संयुक्त अभियान
डीसी मनीष कुमार और एसपी निधि द्विवेदी के निर्देश पर यह विशेष अभियान गुरुवार की देर रात चलाया गया। नेतृत्व की कमान संभाली थी डीटीओ मिथिलेश चौधरी, डीएमओ राजेश कुमार, एसडीपीओ विजय कुमार और खनन इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने। यह टीम उस रात प्रशासन की ‘सतर्क आंख’ बनकर सड़कों पर थी। टीम ने कोयला रोड चौक, शिवताला, शहरग्राम चौक, डांगापाड़ा और आसपास के इलाकों में एक-एक ट्रक की जांच की। गाड़ियों की लाइटें पुलिस की टॉर्च से टकरा रही थीं और ड्राइवरों के चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था।
19 ट्रक मिले संदिग्ध, कार्रवाई शुरू
करीब 30 से 35 भारी वाहनों की जांच हुई। किसी के पास माइनिंग चालान अधूरा था, तो किसी की फिटनेस सर्टिफिकेट की अवधि खत्म हो चुकी थी। कई ट्रक ओवरलोड भी पाए गए। कुल 19 वाहनों में गड़बड़ियां मिलीं। अधिकारियों ने मौके पर ही चालान काटे और कुछ वाहनों को जब्त कर लिया। ड्राइवरों की आंखों में नींद और चिंता दोनों थीं। कोई कह रहा था कि “साहब, कागज कल तक मिल जाएगा,” तो कोई जुर्माने से बचने की गुहार लगा रहा था। लेकिन अधिकारी इस बार सख्त मूड में थे। कार्रवाई की प्रक्रिया वहीं शुरू कर दी गई।
डीसी-एसपी का सख्त संदेश- अवैध खनन पर कोई ढील नहीं
डीसी मनीष कुमार ने कहा कि जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने टीम को निर्देश दिया कि ऐसी रात्री जांच अब नियमित रूप से होनी चाहिए ताकि कोई भी वाहन मालिक या माफिया यह न समझे कि रात का अंधेरा उन्हें बचा लेगा। एसपी निधि द्विवेदी ने भी स्पष्ट कहा, “यह सिर्फ जांच नहीं, बल्कि एक संदेश है कि कानून हर समय जाग रहा है, चाहे वह दिन हो या आधी रात।”
इसे भी पढ़ें : नवाजे गये झारखंड पुलिस के 14 जांबाज, जंगल में घुस ‘लाल आतंक’ की तोड़ी थी रीढ़

