अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : खेतों में काम कर लौटते हुए पार्वती हेंब्रम (45 वर्ष) शायद यह नहीं जानती थीं कि यही दिन उनके और उनके परिवार के लिए सबसे दर्दनाक बन जाएगा। पार्वती सुबह-सुबह खाना लेकर अपने खेत में धान काटने गई थीं। उनका दिन सामान्य था, जैसे हर रोज़ होता है – मेहनत, धूप, और खेतों की हरियाली। लेकिन तभी हुआ कुछ ऐसा, जिसने पूरे परिवार की दुनिया हिला दी। दुमका की ओर से आ रही तेज रफ्तार बस का पिछला चक्का खुल गया। यह खुला चक्का सीधे पार्वती से टकराया और वह झाड़ियों में गिर गईं। इतनी तेज़ टक्कर थी कि महिला की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।
बस में सवार थे 40 लोग, टला बड़ा हादसा
बस में करीब 40 लोग सवार थे। किसी भी अन्य यात्री को चोट नहीं आई। यदि बस पलट जाती, तो शायद यह हादसा और भी भयावह होता। गनीमत रही कि बस के यात्रियों को केवल डर का सामना करना पड़ा। घटना की फैली खबर के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी। आसपास के लोग मौके पर जुट गये। सूचना पुलिस को दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बेसुध पार्वती हेंब्रम को लिट्टीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार की टूटती दुनिया
पार्वती हेंब्रम के घर में गम की चादर छा गई है। उनके बच्चों और पति के लिए यह गहरा सदमा है। उनकी नज़रों के सामने दिन भर की मेहनत, खेतों की खुशबू और मां की मुस्कान हमेशा के लिए खत्म हो गई। परिवार वाले कहते हैं, “सुबह खाना लेकर खेत गई थी, शाम को लौटते समय बस का चक्का खुल गया और हमारी मां हमसे हमेशा के लिए चली गई।”
इसे भी पढ़ें : 20 लाख की डकैती का पर्दाफाश, पांच कुख्यात सलाखों के पीछे



