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Patna : बिहार विधानमंडल के 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत सभी नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण से हुई। 243 में से 237 विधायक मौजूद रहे, जबकि 6 विधायक किसी वजह से शपथ नहीं ले सके। वरिष्ठ जदयू नेता और मधेपुरा के आलमगंज से आठवीं बार विधायक चुने गए नरेंद्र नारायण यादव ने शपथ दिलाई।
भाषाओं की विविधता ने सत्र को खास बनाया
शपथ के दौरान विधायकों ने अपनी पसंद की भाषाएं चुनीं। मिथिलांचल के अधिकतर विधायकों ने मैथिली में शपथ ली, जिनमें मंत्री अरुण शंकर, पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा, बिस्फी से जीते आरिफ अनवर और मैथिली ठाकुर सहित अन्य विधायक शामिल रहे।मैथिली ठाकुर भी शामिल रहीं। एआईएमआईएम विधायकों ने उर्दू में शपथ ली। रत्नेश सदा ने संस्कृत चुना और लोजपा आर के विधायक विष्णुदेव पासवान ने अंग्रेजी में शपथ ली। यह दृश्य बिहार की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता का अहसास कराता रहा।
वरिष्ठ नेताओं की शपथ और सदन में माहौल
सम्राट चौधरी ने सबसे पहले शपथ ली। उनके बाद विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली। शपथ के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव का एक दूसरे को हाथ जोड़कर प्रणाम करना भी चर्चा में रहा। इसके बाद विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडे, लेशी सिंह, नितिन नवीन और रामकृपाल यादव ने शपथ ली।
नए विधायकों की उम्मीदें और वादे
शपथ लेने से पहले मैथिली ठाकुर ने कहा कि यह उनके जीवन की नई शुरुआत है। मंत्री नितिन नवीन ने सकारात्मक विपक्ष की जरूरत पर जोर दिया। जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जनता ने उन्हें बड़े भरोसे के साथ भेजा है। लोजपा आर के नए विधायक विष्णुदेव पासवान ने रोजगार और शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि वह युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे ताकि पलायन कम हो।
आगे क्या होगा
सत्र के दूसरे दिन यानी 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष और सदन के नेता का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक प्रेम कुमार ने नामांकन दाखिल कर दिया है। यह छोटा शीतकालीन सत्र कुल पांच दिनों का होगा और 5 दिसंबर तक चलेगा। इसी दौरान राज्यपाल का संयुक्त संबोधन और द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
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