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Palamu : पलामू के हुसैनाबाद में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की आड़ में चल रहे एक बड़े ठगी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने छापेमारी कर सात लड़कों को गिरफ्तार किया। ये सभी एक मकान के तीसरे तल्ले पर बैठकर लैपटॉप और मोबाइल से अवैध लेनदेन कर रहे थे। पकड़े गए युवकों में छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के लोग शामिल हैं। इनमें राहुल सिंह लोधी, सुजित कुमार विश्वकर्मा, अजित कुमार, रोहित कुमार सिंह उर्फ राजा, जुबेर अंसारी, अयाज आलम उर्फ टिंकु और अक्षय कुमार कुंडू के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल, एक लैपटॉप, एक टैब, नौ एटीएम कार्ड, नौ पासबुक, नौ चेकबुक, पांच खाली मोबाइल बॉक्स, तीन डायरी और एक जियो फाइबर राउटर जब्त किया। इस बात का खुलासा पलामू की पुलिस कप्तान रिष्मा रमेशन ने किया।
कैसे ध्वस्त हुआ नेटवर्क
एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि 30 नवंबर को पुलिस को इंफॉर्मेशन मिली थी कि हुसैनाबाद में एक मकान में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियां कर रहे हैं। इसके बाद एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी की देखरेख में एक टीम बनाई गई और बताये गये लोकेशन पर रेड मारी गयी। दो कमरों में सात युवक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म “Khelooyaar.site” पर काम करते मिले। पूछताछ में उन्होंने कहा कि वे रोज सात से आठ लाख रुपये तक का अवैध कारोबार करते हैं।
लोगों के नाम पर खुलवाते थे खाता, फिर शुरू होता था खेल
गिरोह ग्रामीण इलाकों में लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। फिर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख लेता था। इन्हीं खातों के जरिए पैसा आगे भेजा जाता था। पूछताछ में तीन मुख्य संचालकों के नाम सामने आए हैं जिनमें भिलाई का शेल्वी उर्फ मनीष, औरंगाबाद का राजन कुमार सिंह और प्रवीण भैया शामिल हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस ने की अपील
पलामू पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी ऑनलाइन बेटिंग ऐप या स्कीम से दूर रहें। किसी लालच में आकर अपनी बैंक जानकारी, खाता या दस्तावेज किसी को न दें। पुलिस ने यह भी याद दिलाया कि अपना बैंक खाता किसी और के इस्तेमाल में देना भी अपराध है।
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