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News Samvad : डीजीसीए द्वारा नवंबर में पायलट और क्रू से जुड़े नए नियम लागू किए जाने के बाद से ही इंडिगो की उड़ानों पर असर पड़ने लगा था। दिसंबर की शुरुआत में समस्या और बढ़ गई। लगातार कई उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों फंसा रहना पड़ा। बढ़ती शिकायतों के बाद विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन से जवाब मांगा, जिसके बाद कंपनी को राहत से जुड़े कदम उठाने पड़े।
कंपनी की नई घोषणा क्या है
इंडिगो ने बताया कि जिन यात्रियों ने ट्रैवल पार्टनर प्लेटफॉर्म से टिकट खरीदे हैं, उनके रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एयरलाइन के सिस्टम में सभी यात्रियों का डेटा उपलब्ध नहीं है, इसलिए प्रभावित यात्री अपनी जानकारी customer.experience@goindigo.in पर भेज सकते हैं।
किसे मिलेगा 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर
एयरलाइन ने कहा कि 3, 4 और 5 दिसंबर को यात्रा करने वाले कई यात्री लंबे समय तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। भारी भीड़ के कारण उन्हें बेहद मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। ऐसे यात्रियों को 10 हजार रुपये मूल्य का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा। यह वाउचर अगले 12 महीनों तक इंडिगो की किसी भी उड़ान में उपयोग किया जा सकेगा।
सरकारी नियमों के हिसाब से अतिरिक्त मुआवजा भी मिलेगा
इंडिगो ने बताया कि यह सहायता पहले से तय नियमों के अतिरिक्त है। सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, एयरलाइन उन यात्रियों को 5000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा भी देगी, जिनकी उड़ानें बिना जानकारी दिए रवाना होने के 24 घंटे के भीतर रद्द कर दी गईं।
एयरलाइन पर कितना बढ़ेगा आर्थिक दबाव
इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी प्रतिदिन लगभग 3 लाख 20 हजार यात्रियों को सेवा देती है और हर दिन 2300 से अधिक उड़ानें संचालित करती है।
3 से 5 दिसंबर के बीच सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए। सभी को वाउचर देने की स्थिति में कंपनी पर सैकड़ों करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है।
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