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Ranchi : राजधानी रांची की सड़कों पर इन दिनों ट्रैफिक पुलिस का एक अलग ही तेवर देखने को मिल रहा है। कहीं बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों को रोका जा रहा है, तो कहीं गलत दिशा में गाड़ी दौड़ाने वालों पर कार्रवाई हो रही है। सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग करने वालों को भी अब राहत नहीं मिल रही। इन सबके पीछे हैं रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, जिन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अभियान को लगातार तेज कर रखा है।
रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर मंगलवार को भी उनके नेतृत्व में रांची शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान का असर ऐसा रहा कि एक ही दिन में 3335 वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई की गई। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह बताता है कि ट्रैफिक पुलिस अब नियमों के पालन को लेकर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
सिर्फ चालान नहीं, सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर हैं एसपी राकेश सिंह
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह कहते हैं कि सड़क पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही और नियमों की अनदेखी की वजह से होती हैं। यही कारण है कि उनका पूरा फोकस सिर्फ जुर्माना वसूलने पर नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी है। मंगलवार के अभियान में सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर हुई। कुल 1804 लोगों के चालान काटे गए। यह संख्या बताती है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। एसपी राकेश सिंह लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल पुलिस से बचने का साधन नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का सबसे आसान तरीका है।
नो पार्किंग और सड़क पर अतिक्रमण बना बड़ी चुनौती
रांची की ट्रैफिक व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी समस्याओं में से एक सड़क किनारे गलत तरीके से वाहन खड़ा करना है। अभियान के दौरान 1200 चालान नो पार्किंग के मामलों में काटे गए। ट्रैफिक एसपी कहते हैं कि सड़कें वाहनों के चलने के लिए हैं, पार्किंग के लिए नहीं। सड़क पर खड़े वाहन न केवल जाम का कारण बनते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ाते हैं। इसी वजह से इस तरह के मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों पर विशेष नजर
रांची में कई जगह लोग समय बचाने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाने से भी नहीं हिचकते। लेकिन यह आदत कई बार जानलेवा साबित होती है। अभियान के दौरान 47 लोगों को रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते पकड़ा गया। वहीं नो एंट्री क्षेत्र में वाहन ले जाने वाले 38 चालकों पर भी कार्रवाई हुई। ट्रैफिक एसपी का कहना है कि कुछ मिनट बचाने की कोशिश कई बार किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
तकनीक और संसाधनों के सहारे बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की कोशिश
एसपी राकेश सिंह सिर्फ सड़क पर अभियान चलाने तक सीमित नहीं हैं। वे ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को आदित्य विजन लिमिटेड ने रांची यातायात पुलिस को 100 स्लाइडिंग बैरियर उपलब्ध कराए। इन बैरियरों का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख चौक-चौराहों पर किया जाएगा। ट्रैफिक एसपी का मानना है कि इससे वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और जाम की स्थिति से निपटने में काफी मदद मिलेगी।
मैदान में उतरकर कर रहे निगरानी
एसपी राकेश सिंह की कार्यशैली की खास बात यह है कि वे केवल कार्यालय से निर्देश देने तक सीमित नहीं रहते। कई बार वे खुद सड़कों पर उतरकर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेते हैं। अधिकारियों और जवानों के साथ लगातार तालमेल बनाकर वे यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि राजधानी की सड़कों पर व्यवस्था बेहतर हो।
जनता से सहयोग की अपील
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह का कहना है कि पुलिस अकेले शहर को जाममुक्त और सुरक्षित नहीं बना सकती। इसके लिए आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, गलत दिशा में वाहन न चलाएं और सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचें। उनका मानना है कि नियमों का पालन करने से न केवल चालान से बचा जा सकता है, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी भी सुरक्षित रखी जा सकती है।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
- कुल चालान : 3335
- बिना हेलमेट : 1804
- नो पार्किंग : 1200
- फैंसी नंबर प्लेट : 48
- एक्स्ट्रा पैसेंजर : 49
- गलत दिशा में वाहन चलाना : 47
- बिना लाइसेंस : 36
- ओवरस्पीड : 30
- पिलियन राइड नियम उल्लंघन : 21
- नो एंट्री उल्लंघन : 38
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