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Ramgarh : रामगढ़ जिले में ट्रेजरी घोटाले की परतें अब खुलने लगी हैं। पहले बोकारो और हजारीबाग में करोड़ों के घोटाले सामने आए थे, अब रामगढ़ में भी करीब 35 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर जांच हुई तो पूरा खेल सामने आ गया। इसके बाद पशुपालन विभाग के पूर्व लेखापाल मुनिंद्र कुमार के खिलाफ थाने में केस दर्ज कर दिया गया है।
फर्जी कर्मचारी के नाम पर खेल
जांच में पता चला कि मुनिंद्र कुमार ने पोकली उरांव नाम के एक ऐसे व्यक्ति को सिस्टम में दर्ज कर दिया, जो कभी विभाग में काम ही नहीं करता था। इसी फर्जी नाम के जरिए अगस्त 2021 से जनवरी 2022 के बीच करीब 10.91 लाख रुपये एक बैंक खाते में भेजे गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने ही खाते में भी वेतन और एरियर के नाम पर करीब 23.34 लाख रुपये निकाल लिए। इस तरह कुल मिलाकर 34 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी सामने आई।
जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे
डीसी के आदेश पर बनी तीन सदस्यीय टीम ने जब जांच शुरू की तो कई गड़बड़ियां सामने आईं। कुछ जरूरी दस्तावेज गायब मिले। यहां तक कि आरोपी का अंतिम वेतन प्रमाण पत्र भी नहीं मिला। जांच टीम में अपर समाहर्ता कुमारी गीतांजलि, उप निर्वाचन पदाधिकारी रविंद्र कुमार गुप्ता और जिला कोषागार पदाधिकारी मंजू एक्का शामिल थे। टीम ने साफ कहा कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से किया गया है।
छोटी सी लापरवाही से हुआ बड़ा घोटाला
जांच में यह भी सामने आया कि अगर वेतन भुगतान पंजी और बिल की राशि का ठीक से मिलान किया जाता, तो यह गड़बड़ी पहले ही पकड़ में आ जाती। आरोपी ने वेतन सूची में रकम बढ़ाकर दिखा दी, जिससे ऊपर बैठे अधिकारियों को अंतर समझ में नहीं आया।
दूसरे जिलों में भी बड़ा घोटाला
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बोकारो में 3.15 करोड़ और हजारीबाग में 15.41 करोड़ रुपये का घोटाला पहले ही सामने आ चुका है। ऐसे में अब यह मामला सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे राज्य में इसकी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
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