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Ranchi (Ansar Ansari, Angara) : दिन के उजाले में फर्राटा भरते पहिए जैसे ही रात के वक्त तुरुप टोल प्लाजा के करीब पहुंचते हैं, गाड़ियों की रफ्तार के साथ चालकों की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं। वजह साफ है कि फास्टैग की मशीनें तो यहां बिना रुके पैसे काट रही हैं, लेकिन जिस सड़क पर चलने के लिए मुसाफिर टैक्स भर रहे हैं, वहां रोशनी का एक कतरा तक नसीब नहीं है। अनगड़ा प्रखंड के इस व्यस्त टोल पर शाम ढलते ही ऐसा अंधेरा छा जाता है कि चंद कदम दूर खड़ा भारी वाहन भी नजर नहीं आता। लाखों रुपए का राजस्व बटोरने वाले इस हिस्से में एनएचएआई की यह बेरुखी अब आम लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है।

अंधेरे में खड़ी गाड़ियों की कतार और बाल-बाल बचती जिंदगियां
तुरुप टोल से दिन-रात सैकड़ों भारी ट्रकों, यात्री बसों और छोटी गाड़ियों की आवाजाही रहती है। रात गहराते ही टोल टैक्स चुकाने के लिए बड़े ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब होने की वजह से पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ड्राइवरों को सामने खड़ी कतार का अंदाजा आखिरी पलों में होता है। अचानक तेज ब्रेक लगने की आवाजें, गाड़ियों के मुड़ने की चीख और हर पल टकराने का डर यहां रात का सामान्य नजारा बन चुका है। सिर्फ कार या ट्रक चालक ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के जो राहगीर और बाइक सवार इस रास्ते से निकलते हैं, उनके लिए यह रास्ता किसी अंधे कुएं से कम नहीं लगता।
टोल पर सुविधाओं का सूखा और ग्रामीणों का उबलता गुस्सा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और टोल प्रबंधन की यह सुस्ती हैरान करने वाली है। टोल टैक्स के नाम पर हर नागरिक से पूरी रकम वसूली जाती है, लेकिन जब बात साफ-सफाई, सुरक्षा और जरूरी रोशनी की आती है तो हाथ खड़े कर दिए जाते हैं। आलम अंसारी, इजहार अंसारी और अमरुल अंसारी समेत इलाके के कई लोगों का सीधा सवाल है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े और जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है? लोगों की मांग है कि एनएचएआई कागजी कार्रवाई छोड़कर तुरंत धरातल पर उतरे और इन खराब लाइटों को चालू कराए। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर समय रहते यह अंधेरा दूर नहीं किया गया, तो अनगड़ा की इस सड़क पर कभी भी कोई बड़ा हादसा खून के निशान छोड़ सकता है।
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