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Ranchi : साइबर क्रिमिनल्स अब तक तो लोगों के खातों में सेंधमारी कर माल टपाया करते थे, अब उनकी बुरी नजर मासूम बच्चों पर पड़ चुकी है। ये साइबर क्रिमिनल्स बच्चों के साथ कोई छोटा-मोटा फ्रॉड नहीं कर रहे, वे लोग उनके साथ घिनौना काम कर रहे हैं। उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो इंटरनेसनल मार्केट में बेच रहे हैं। इसके एवज में साइबर क्रमिनल्स मोटी कमाई कर रहे हैं। साइबर अपराधियों के इस घिनौनी बरकत का पर्दाफाश किया है झारखंड CID की रांची साइबर क्राइम पुलिस ने। मामले में दो संदेही गुनहगारों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के नाम अंकित कुमार जेडी और विवेक कुमार बताये गये। दोनों बोकारो के रहने वाले हैं। इन दोनों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत बरामद किये गये हैं। इस राज का पर्दाफाश करने और दोनों संदेही गुनहगारों को दबोचने में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई 4 सी) ने सीआईडी का भरपूर साथ दिया।
सीआईडी साइबर सेल की डीएसपी नेहा बाला ने बताया कि जांच में एक ऐसी वेबसाइट का पर्दाफाश हुआ है, जिसका उपयोग डिजिटल मार्केटप्लेस के रूप में किया जा रहा था। इस प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण और उत्पीड़न से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी। आरोपित वेबसाइट का दुरुपयोग कर बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो बेचते और फैलाते थे।
सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार, गिरोह संगठित तरीके से टेलीग्राम चैनलों और क्लाउड स्टोरेज जैसी सेवाओं का इस्तेमाल कर अश्लील सामग्री का कारोबार कर रहा था, जिससे पीड़ित बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इसी कड़ी में बोकारो जिले में छापेमारी कर अंकित कुमार और विवेक कुमार नामक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है।
जांच से यह भी सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप्स पर अश्लील वीडियो के छोटे-छोटे क्लिप डालकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बेचते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि यह नेटवर्क ओमान, बांग्लादेश और यूएई तक फैला हुआ था। भुगतान की प्रक्रिया क्यूआर कोड के जरिए होती थी और पैसे मिलते ही खरीदारों को पूरी वीडियो का लिंक भेज दिया जाता था। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे एक वीडियो 499 रुपये से 1699 रुपये तक में बेचते थे। सीआईडी को शक है कि यह नेटवर्क और भी बड़ा है, जिसकी जांच आई4सी के साथ मिलकर की जा रही है।
इस संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर मामला दर्ज हुआ। झारखंड से मिली एक शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो उसकी सहमति के बिना वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए, जिससे वह गंभीर मानसिक आघात से गुजर रही है और आत्महत्या जैसे विचारों से पीड़ित है।
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