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Godda : “हमारी कोशिश सिर्फ सरकारी भवन बनाने की नहीं है। हम ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जहां गांव का कोई भी व्यक्ति छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड या जिला कार्यालय का चक्कर न लगाए। पंचायतें इतनी सक्षम हों कि लोगों को सरकारी सेवाएं उनके घर के पास ही मिल जाएं।” मेहरमा में 7 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के दौरान ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का पूरा संदेश इसी सोच के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने साफ कहा कि सरकार अब विकास को केवल सड़क, भवन और योजनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जहां प्रशासन लोगों के और करीब पहुंचे, पंचायतें मजबूत हों और हर जरूरतमंद को समय पर सरकारी सुविधाएं मिल सकें। इसी सोच के तहत मेहरमा प्रखंड में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी आवास, कर्मचारियों के आवास और प्रखंड परिसर के विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा 25.73 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ब्लॉक परिसर के पार्किंग स्थल और 65.62 लाख रुपये की लागत वाले ईटहरी पंचायत विवाह भवन का शिलान्यास भी हुआ।

सरकारी दफ्तर लोगों की उम्मीद का केंद्र हैं
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि गांव का कोई भी व्यक्ति सरकारी कार्यालय तभी आता है, जब उसे किसी जरूरी काम या समस्या का समाधान चाहिए होता है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल फाइलें निपटाने की नहीं, बल्कि लोगों की परेशानी को समझने की भी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकारियों के लिए बेहतर कार्यालय, आवास और कार्य वातावरण उपलब्ध कराया है। अब प्रशासन से उम्मीद है कि वह भी उसी संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करे। किसी बुजुर्ग, महिला, किसान या गरीब को बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, यही सरकार की मंशा है।

पंचायतों को बनाया जा रहा सरकारी सेवाओं का नया केंद्र
मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में पंचायतें सिर्फ विकास योजनाओं की निगरानी करने वाली संस्था नहीं रहेंगी, बल्कि सरकारी सेवाओं का सबसे बड़ा केंद्र बनेंगी। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर पहले से ही जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। पेंशन, मंईयां सम्मान योजना और अबुआ आवास के लिए भी इसी तरह शिविर आयोजित किए गए। अब सरकार ड्राइविंग लाइसेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं को भी पंचायत स्तर तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। उनका कहना था कि अगर किसी ग्रामीण को एक छोटे से प्रमाण पत्र के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़े, तो यह व्यवस्था की कमी है। सरकार इसी कमी को दूर करने में जुटी है।

भुस्खा पहाड़ को मिलेगी नई पहचान
दीपिका पांडेय सिंह ने मेहरमा के विकास को पर्यटन से जोड़ने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि भुस्खा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगैया पार्क आज इलाके की पहचान बन चुका है, उसी तरह मेहरमा में भी नया पर्यटन केंद्र विकसित होगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
महिलाएं बन रही हैं गांव की नई ताकत
अपने संबोधन में मंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाएं अब बैंक से जुड़कर अपना कारोबार बढ़ा रही हैं और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत महिलाओं द्वारा उगाए गए आम विदेशों तक पहुंच रहे हैं। वहीं भगैया सिल्क को जीआई टैग मिलने से स्थानीय बुनकरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिली है। इससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

पानी की दिक्कत दूर करने का भरोसा
पेयजल की समस्या पर उन्होंने कहा कि कुछ योजनाएं केंद्र सरकार से समय पर राशि नहीं मिलने के कारण प्रभावित हुई हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें जल्द पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक हर घर तक नल का पानी नहीं पहुंच जाता, तब तक पंचायतों को उपलब्ध कराई गई राशि से खराब चापाकलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भी अहम भूमिका होगी।
विकास का मतलब सिर्फ निर्माण नहीं, लोगों का जीवन आसान बनाना है
अपने संबोधन के अंत में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल भवन बनाना या योजनाओं की घोषणा करना नहीं है। असली विकास तब होगा, जब गांव का आम आदमी बिना परेशानी अपनी जरूरत का काम अपने ही क्षेत्र में करा सके, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, किसानों को सिंचाई की सुविधा मिले, महिलाओं को रोजगार मिले और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महागामा, मेहरमा और ठाकुरगंगटी के विकास की रफ्तार आने वाले समय में और तेज होगी। सरकार की कोशिश है कि इन क्षेत्रों के लोगों को भी वही सुविधाएं मिलें, जो राज्य के विकसित इलाकों में उपलब्ध हैं।

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