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Godda : झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सबसे बड़ा अधिकार है और यह सुनिश्चित करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि कोई भी योग्य मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए। उन्होंने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर मतदाता सूची को दुरुस्त कराने का काम करें और हर पात्र नागरिक का नाम सूची में जुड़वाने में सहयोग करें। विनोद पांडेय शनिवार को गोड्डा मुख्यालय स्थित शुभदा बैंक्वेट हॉल में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पार्टी के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा, सांसद विजय हांसदा, विधायक हेमलाल मुर्मू, विधायक धनंजय सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रोफेसर प्रेमनंदन कुमार ने की।
बूथ कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत
अपने संबोधन में विनोद पांडेय ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं। संगठन जितना मजबूत होगा, पार्टी उतनी ही मजबूती से जनता की आवाज उठा सकेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने अब बूथ कमेटियों को संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पहले पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर की समितियां संगठन की मुख्य पहचान थीं, लेकिन अब बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व का सीधा संवाद भी बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से होगा।
SIR और जनगणना के बीच बढ़ी जिम्मेदारी
विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड में इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं। ऐसे समय में बीएलए-2 और बूथ कमेटी के सदस्यों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ से लगातार संपर्क बनाए रखें। जिन मतदाताओं का नाम अभी तक सही तरीके से मैप नहीं हुआ है, उनकी जानकारी हासिल करें और उनके घर तक पहुंचकर उनका नाम सूची में जुड़वाने का काम करें। उन्होंने कहा कि हर बूथ कार्यकर्ता यह संकल्प ले कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से नहीं छूटे और किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
वोट का अधिकार छिना तो कई अधिकार भी छिन जाएंगे
विनोद पांडेय ने अपने संबोधन में मताधिकार के महत्व को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि वोट केवल चुनाव में इस्तेमाल होने वाला अधिकार नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में नागरिक की पहचान और भागीदारी का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर रह जाता है तो वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर हो सकता है। इसलिए हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को जागरूक करे और उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करे।
तकनीकी टीम ने समझाई पूरी प्रक्रिया
सम्मेलन के दौरान पार्टी की तकनीकी टीम ने प्रोजेक्टर और विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से कार्यकर्ताओं को एसआईआर की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्हें बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार करने और सत्यापन की प्रक्रिया कैसे होती है तथा इसमें बीएलए-2 और बूथ कार्यकर्ताओं की क्या भूमिका है। कार्यकर्ताओं ने भी पूरे ध्यान से प्रस्तुति देखी और कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। नेताओं का मानना था कि तकनीकी जानकारी मिलने से जमीनी स्तर पर काम और प्रभावी होगा।
उत्साह से भरा रहा पूरा सम्मेलन
सम्मेलन में गोड्डा जिले के 1256 बूथों से बीएलए-2, बूथ अध्यक्ष, संयोजक, जिला कमेटी, प्रखंड कमेटी, पंचायत कमेटी और विभिन्न वर्ग संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं के कारण पूरा हॉल खचाखच भरा नजर आया। कार्यक्रम स्थल पर नेताओं का स्वागत ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इसके बाद नेताओं ने पार्टी संस्थापक और झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। जिला समिति की ओर से सभी नेताओं को अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। 100 किलो फूलों की माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर “शिबू सोरेन अमर रहें”, “हेमंत सोरेन जिंदाबाद” और “कल्पना सोरेन जिंदाबाद” के नारों से गूंजता रहा।
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