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Ahmedabad/Ranchi : किसी छोटे से गांव में रात के सन्नाटे में जलता एक बल्ब… किताबों में डूबा एक छात्र… और मन में बस एक ही सवाल…“क्या हालात मुझे आगे बढ़ने देंगे?” ऐसे ही अनगिनत सवालों, संघर्षों और सपनों के बीच देश के 24 मैनेजमेंट छात्रों की कहानी अब एक नई दिशा ले चुकी है। वजह बनी Adani Group की वह पहल, जिसने न सिर्फ पढ़ाई का खर्च उठाया, बल्कि आत्मविश्वास और भविष्य दोनों को पंख दे दिए।
संघर्ष से शुरू होकर उम्मीद तक की यात्रा
अदाणी एक्सेलरेटेड लीडरशिप प्रोग्राम (AALP) 2025–27 की 24 फुली-फंडेड स्कॉलरशिप सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए राहत की सांस है, जहां मां–बाप ने अपनी सीमित आमदनी में बच्चों के बड़े सपने संजो रखे थे। ये स्कॉलर देश के शीर्ष संस्थानों IIM Bangalore, IIM Calcutta, IIM Lucknow और Indian School of Business से चुने गए हैं।
मां की दुआ और बेटे का सपना
आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव से आए आईआईएम कोलकाता के छात्र आनंद बाबू कामिनेनी के लिए यह स्कॉलरशिप किसी वरदान से कम नहीं। जेईई, कैट और यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाओं में टॉप 0.1% में जगह बनाने वाले आनंद बताते हैं “मेरी मां हमेशा कहती थीं कि पढ़ाई ही हमें हालात से बाहर निकालेगी। आज लगता है उनकी दुआ सच हो गई।”
मेहनत का फल, जिम्मेदारी का अहसास
आईआईएम लखनऊ के आयुष श्रीवास्तव ने पहले ही प्रोफेशनल जीवन में 500 से ज्यादा इंजीनियरों को ट्रेन किया, यूरोप के ऑफशोर प्रोजेक्ट्स में काम किया। लेकिन उनके लिए भी एमबीए का सफर आसान नहीं था। आयुष कहते हैं कि “अब पढ़ाई के खर्च की चिंता नहीं है, अब पूरा फोकस सीखने और बेहतर बनने पर है।”
जब मंच मिला, तो आवाज मजबूत हुई
इस बैच में मधु गुप्ता और कनव बंसल जैसे छात्र भी हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों में बड़े ऑपरेशनल और फाइनेंशियल नतीजे हासिल किए। AALP ने उन्हें वह मंच दिया, जहां उनकी काबिलियत खुलकर सामने आ सके।
‘यह सिर्फ स्कॉलरशिप नहीं, जिम्मेदारी है’
छात्रों और उनके परिवारों से संवाद करते हुए Karan Adani ने कहा…
“प्रतिभा हर गली, हर गांव में है। कमी है तो सिर्फ मौके की। यह स्कॉलरशिप हमारे उस विश्वास का प्रतीक है कि सही अवसर मिलने पर युवा भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।”
पढ़ाई से आगे, असली दुनिया से जुड़ाव
AALP के तहत छात्रों को सिर्फ फीस नहीं, बल्कि इंडस्ट्री एक्सपोजर, सीनियर लीडर्स की मेंटरशिप और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर व बिजनेस प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलता है। इससे क्लासरूम की पढ़ाई और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी कम होती है।
जब एक सपना देश की तरक्की बन जाए
भारत के तेज़ विकास के दौर में ऐसे कार्यक्रम उम्मीद की नई किरण हैं। AALP 2025–27 बैच इस बात का सबूत है कि जब सपनों को सहारा मिलता है, तो वे सिर्फ किसी एक परिवार की कहानी नहीं रहते, वे देश की सामूहिक प्रगति का हिस्सा बन जाते हैं।
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