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Ranchi : डिजिटल दौर में खबरें अब सिर्फ अखबारों तक सीमित नहीं रहीं। मोबाइल स्क्रीन पर उंगलियों की एक हल्की सी हलचल में सैकड़ों खबरें सामने आ जाती हैं। लेकिन इसी तेजी के साथ एक सवाल भी हर पाठक के मन में उठता है… क्या यह खबर सच है? इसी सवाल का जवाब बनकर सामने आया है Web Journalists Association of India (WJAI), जिसने डिजिटल पत्रकारिता में भरोसे, जिम्मेदारी और ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज के समय में बेहद दुर्लभ है।
सात साल का बेदाग सफर, जिसमें भरोसा कभी डगमगाया नहीं
WJAI ने डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने 7 साल बेदाग पूरे कर लिए हैं। यह सफर सिर्फ समय का नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्ममंथन और नैतिक प्रतिबद्धता का रहा है। इन सात वर्षों में संगठन से जुड़े किसी भी न्यूज़ पोर्टल के खिलाफ न तो कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई, न ही किसी गलत खबर का आरोप लगा। यह आंकड़ा नहीं, बल्कि उन सैकड़ों पत्रकारों की मेहनत और ईमानदारी की कहानी है, जो हर खबर लिखते वक्त सिर्फ एक बात सोचते हैं… “इससे समाज पर क्या असर पड़ेगा?”
डिजिटल पत्रकारिता और जिम्मेदारी
डिजिटल मीडिया में गलती की गुंजाइश बहुत कम और दबाव बहुत ज्यादा होता है। एक क्लिक की होड़, टीआरपी जैसी मानसिकता और सोशल मीडिया की प्रतिस्पर्धा के बीच कई बार संवेदनाएं पीछे छूट जाती हैं। लेकिन WJAI से जुड़े पत्रकारों ने हमेशा यह साबित किया कि खबर सिर्फ ब्रेक करना मकसद नहीं, सही खबर देना ही असली पत्रकारिता है। चाहे वह किसी आम आदमी का दर्द हो, किसी पीड़ित की आवाज हो या सत्ता से सवाल… हर खबर के पीछे मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी गई।

डिजिटल मीडिया एथिक्स 2021 : नियम नहीं, जिम्मेदारी
भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड 2021 लागू किया। कई लोगों के लिए यह सिर्फ एक कानून हो सकता है, लेकिन WJAI के लिए यह एक नैतिक संकल्प है। इसी के तहत वेब जर्नलिस्ट स्टैंडर्ड अथॉरिटी को बतौर SRB (Self-Regulatory Body) अधिकृत किया गया। यह वही मंच है, जहां खबरों की निष्पक्ष समीक्षा होती है और जरूरत पड़ने पर सुधार का रास्ता भी दिखाया जाता है।
SRB सिस्टम : संवाद से समाधान तक
SRB व्यवस्था केवल नियमों की किताब नहीं है, बल्कि यह संवाद की प्रक्रिया है।
- हर पोर्टल पर शिकायत के लिए संपर्क नंबर और ईमेल अनिवार्य
- पहले स्तर पर पत्रकार और शिकायतकर्ता के बीच बातचीत
- फिर जरूरत पड़े तो SRB के समक्ष निष्पक्ष सुनवाई
इस पूरी प्रक्रिया में दंड से ज्यादा सुधार पर जोर दिया जाता है। यही वजह है कि WJAI के पोर्टलों पर आज तक शिकायत की नौबत ही नहीं आई।
जब संगठन परिवार बन जाए
WJAI सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है, जहां पत्रकार एक-दूसरे से सीखते हैं। कई युवा रिपोर्टर, जो छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं, यहां प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और नैतिक पत्रकारिता का पाठ सीखते हैं। यहां सिखाया जाता है कि हर खबर के पीछे एक इंसान होता है। हर शब्द किसी की जिंदगी को छू सकता है। यही मानवीय दृष्टिकोण WJAI को अलग बनाता है।
नेतृत्व की सोच, जो रास्ता दिखाती है
WJAI के अध्यक्ष आनंद कौशल मानते हैं कि पत्रकारिता सत्ता नहीं, सेवा है। उनके नेतृत्व में संगठन ने कभी समझौता नहीं किया… ना सच्चाई से, ना संवेदनशीलता से। उनका कहना है कि पिछले “सात सालों में बिना किसी शिकायत के कार्य कर पाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और मजबूत नैतिक मूल्यों का प्रमाण है। हमने सदैव तथ्यपरक और संतुलित पत्रकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आगे भी डिजिटल मीडिया की विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।”
महासचिव अमित रंजन का मानना है कि नियम तभी कारगर होते हैं, जब उन्हें दिल से अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया एथिक्स 2021 के अंतर्गत SRB की सक्रिय भागीदारी ने पारदर्शिता को और सशक्त बनाया है। उन्होंने बताया कि संगठन से जुड़े सभी सदस्य पोर्टल निर्धारित नियमों और आचार संहिता का पूरी निष्ठा से पालन करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अब तक किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
वहीं महासचिव मधुप मणि पिक्कू कहते हैं कि हम पत्रकारों को सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी याद दिलाते हैं। उन्होंने कहा कि Web Journalists Association of India (WJAI) का लक्ष्य केवल डिजिटल पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। सात सालों की यह सफलता हमारे सदस्यों की निष्ठा, अनुशासन और पेशेवर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आने वाले समय में भी हम पत्रकारिता के सर्वोच्च मानकों का पालन करते हुए जनविश्वास को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

भविष्य की पत्रकारिता, तकनीक के साथ संवेदना
आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और तेज डिजिटल बदलाव का है। लेकिन WJAI का विश्वास साफ है… तकनीक चाहे जितनी आगे बढ़ जाए, पत्रकारिता की आत्मा इंसान ही रहेगा।
भरोसे की सबसे बड़ी खबर
आज जब फेक न्यूज सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है, WJAI की सात साल की यह बेदाग यात्रा एक उम्मीद जगाती है। यह बताती है कि अगर पत्रकारिता ईमानदारी से की जाए, तो न शिकायत होती है, न अविश्वास।
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