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Ranchi : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आज यानी बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। पहले दिन विधानसभा परिसर में राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सचिव अविनाश कुमार ने बुके देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही औपचारिक रूप से शुरू हुई। यह सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा और कुल 17 कार्यदिवस होंगे। इन दिनों में बजट, विकास योजनाएं और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
“सिर्फ आय-व्यय नहीं, विकास का रोडमैप”
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदस्यों का स्वागत करते हुए साफ कहा कि बजट सत्र सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। उनके मुताबिक, यह वह मंच है जहां राज्य की आने वाली दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि बजट राज्य की नीतियों, योजनाओं और संसाधनों के इस्तेमाल की तस्वीर साफ करता है। इसलिए सदन में गंभीर और तथ्य आधारित चर्चा जरूरी है। अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सदन की गरिमा और अनुशासन सबसे ऊपर है।
कब पेश होगा कौन सा बजट?
इस सत्र में दो अहम वित्तीय प्रस्ताव पेश होने हैं :
- वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट
- 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट
वार्षिक बजट में यह तय होगा कि सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी, किन योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा और संसाधनों का बंटवारा कैसे होगा। सरकार की कोशिश होगी कि विकास, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के बीच संतुलन बनाया जाए। विपक्ष भी अपने सवालों और सुझावों के साथ सरकार को घेरने की तैयारी में है।
अनुदान मांग से लेकर कटौती प्रस्ताव तक
अध्यक्ष ने सभी विधायकों से अपील की कि वे अनुदान मांगों, कटौती प्रस्तावों और नीतिगत सुझावों के जरिए रचनात्मक बहस करें। आमतौर पर बजट सत्र में विभागवार अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा होती है। यही वह समय होता है जब विधायक अपने क्षेत्र की समस्याएं, लंबित योजनाएं और स्थानीय मुद्दे सीधे सरकार के सामने रखते हैं।
पेपरलेस विधानसभा की शुरुआत
इस बार सत्र की एक खास बात रही कि विधानसभा का कामकाज पेपरलेस तरीके से शुरू किया गया है। नेशनल ई-विदान एप्लिकेशन यानी National e-Vidhan Application (नेवा) परियोजना को आंशिक रूप से लागू कर दिया गया है। सीएम हेमंत सोरेन ने 11 फरवरी को नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया था। अब शून्यकाल की सूचनाएं ऑनलाइन भेजी जाएंगी। आने वाले समय में सवाल-जवाब, कार्यसूची और जरूरी दस्तावेज भी डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इससे कागज की बचत होगी और कामकाज ज्यादा पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
आने वाले दिनों में सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव, बजट पेशी, विभागवार चर्चा और कई अहम विधेयकों पर बहस हो सकती है। राज्य की आर्थिक स्थिति, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।
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