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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के समाहरणालय सभागार में शुक्रवार की दोपहर माहौल कुछ अलग था। सामने DC मनीष कुमार, बगल में SP निधि द्विवेदी और चारों तरफ प्रशासनिक अफसर। चर्चा का विषय… जिले की धरती और उसके भीतर छिपी दौलत। लेकिन इस दौलत की सुरक्षा अब सिर्फ फाइलों में नहीं, सड़कों और खदानों तक पहुंच चुकी है।
खनन टास्क फोर्स की बैठक में हर विभाग को मिली जिम्मेदारी
जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में डीसी मनीष कुमार ने एक-एक विभाग की रिपोर्ट मांगी। खनन, परिवहन और पुलिस… सभी से पूछा गया कि अब तक अवैध खनन पर क्या कार्रवाई हुई। जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि इस साल कोयले से राजस्व बढ़ा है, लेकिन पत्थर के डिस्पैच में गिरावट आई है। इसका असर सीधे राजस्व पर पड़ा है।
डीसी ने तुरंत सवाल किया – “जहां पत्थर का डिस्पैच 50 प्रतिशत से भी कम है, वहां कार्रवाई क्यों नहीं हुई?” कमरे में सन्नाटा था। डीसी ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे लेसी (lease holders) से बैठक कर जवाब मांगा जाए और जरूरत पड़ी तो अनुबंध भी रद्द किया जाएगा।
“जीरो टॉलरेंस” की चेतावनी
DC मनीष कुमार का लहजा दृढ़ था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा– अवैध खनन को लेकर जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस पर काम करेगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और थानेदारों को आदेश दिया कि अपने-अपने इलाकों में खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करें। साथ ही निर्देश दिया गया कि जिले के तमाम चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त किए जाएं, ताकि एक-एक गाड़ी की निगरानी हो सके। डीसी ने यह भी कहा कि संयुक्त जांच अभियान अब नियमित रूप से चलेगा। खनन, पुलिस, परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे ताकि खनिज संपदा की सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
एसपी निधि द्विवेदी की सख्त हिदायत
बैठक में एसपी निधि द्विवेदी ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि हर थानेदार अपने क्षेत्र के चेकनाका का रोज औचक निरीक्षण करे।
उनका लहजा भी स्पष्ट था… अवैध कोयला, बालू और पत्थर का परिवहन किसी कीमत पर नहीं होना चाहिए। अगर लापरवाही मिली, तो कार्रवाई तय है। उन्होंने जिला खनन पदाधिकारी, परिवहन विभाग और अंचलाधिकारियों को कहा कि आपसी समन्वय के साथ औचक छापेमारी करें। पुलिस-प्रशासन के संयुक्त अभियान से ही खनन माफियाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकती है।
सख्ती के साथ सुधार की उम्मीद
बैठक के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि डीसी मनीष कुमार की यह पहल खनन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास है। बीते कुछ सालों में अवैध खनन ने न सिर्फ राजस्व को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पर्यावरण को भी क्षति पहुंचाई है। अब जिला प्रशासन की मंशा साफ है… अवैध खनन रोकने के साथ-साथ हर खदान और हर गाड़ी पर प्रशासन की नजर रहेगी।

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