Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 28 October, 2026 • 04:45 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » बीत चुका बुरा वक्त, 1.57 से 1.94 मिलियन टन प्रति दिन कोयले का उत्पादन बढ़ाया गया!
देश

बीत चुका बुरा वक्त, 1.57 से 1.94 मिलियन टन प्रति दिन कोयले का उत्पादन बढ़ाया गया!

October 13, 2021No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto
नई दिल्ली। देश भर के बिजली संयंत्रों में कोयला आपूर्ति के संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कवायद तेज कर दी है. सरकार का कहना है कि कोयले की आपूर्ति में कमी नहीं होगी. सबसे बुरा समय बीत चुका है और बिजली का कोई संकट नहीं आने वाला है. 

सूत्रों का कहना है कि कोल इंडिया ने पिछले 4 दिनों में 1.57 मिलियन टन से 1.94 मिलियन टन प्रति दिन उत्पादन बढ़ाया है और इसे और बढ़ाया जाएगा. अगले सप्ताह तक इसके 2 मिलियन टन प्रति दिन तक पहुंचने की उम्मीद है.

कुछ बिजली संयंत्रों में स्टॉक की कमी, जो  imported coals कोयले पर निर्भर थे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमतों के तीन गुना होने के कारण आयात को कम कर दिया था और केंद्र से अधिक आपूर्ति पर जोर देना शुरू कर दिया था. इससे कोयले के आयात में 12 फीसदी की गिरावट आई है.

एक सीमा से अधिक भंडार नहीं हो सकता

सूत्रों के मुताबिक, कोल इंडिया के पास एक सीमा से अधिक कोयले का भंडार नहीं हो सकता था क्योंकि हमेशा आग लगने का खतरा रहता है. इसलिए राज्यों को कोल इंडिया से अपना कोटा उठाकर स्थानीय स्तर पर स्टॉक करना चाहिए था. रिमांइडर के बावजूद भी ऐसा नहीं हुआ. जब मांग और खपत बढ़ रही थी तो राज्य प्रतिक्रिया देने में विफल रहे.

₹21000 करोड़ बकाया

राज्यों को कोल इंडिया को लगभग ₹21000 करोड़ के बकाया का भुगतान करना है. महाराष्ट्र को 2600 करोड़, तमिलनाडु को 1100 करोड़, बंगाल को 2000 करोड़, दिल्ली को 278 करोड़, पंजाब को 1200 करोड़ एमपी को 1000 करोड़ और कर्नाटक को 23 करोड़ रुपये कोल इंडिया को देने हैं.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleदिल्ली की सड़कों पर किन्नरों में खूनी संघर्ष, जमकर चले चाकू-बेल्ट-हॉकी-मिर्च पाउडर
Next Article Facebook के बाद आज भारत में Twitter रहा डाउन

Related Posts

Headlines

सीएम सम्राट ने राजगीर में फूंकी रग्बी की नई जान, रोंगटे खड़े कर गया ‘हाका’

October 27, 2026
Headlines

नशामुक्त बिहार के लिए CM सम्राट की सीधी हुंकार- बर्बाद नहीं होने देंगे युवाओं का कल

October 27, 2026
Headlines

हेमंत कैबिनेट में 62 प्रस्ताव पास, पेंशन से इंफ्रास्ट्रक्चर तक CM ने खोला खजाना

October 27, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 28 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 28, 2026

वेतन से GPF कट रहा तो निकासी पर रोक क्यों? अजय राय की JUVNL प्रबंधन को दो टूक

October 27, 2026

6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरियां, CM बोले- सिफारिश नहीं, केवल मेरिट पर मिलेगी पोस्टिंग

October 27, 2026

सीएम सम्राट ने राजगीर में फूंकी रग्बी की नई जान, रोंगटे खड़े कर गया ‘हाका’

October 27, 2026

नशामुक्त बिहार के लिए CM सम्राट की सीधी हुंकार- बर्बाद नहीं होने देंगे युवाओं का कल

October 27, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.