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Home » विधायिका में एससी-एसटी के लिए आरक्षण की अवधि बढ़ाए जाने संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश
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विधायिका में एससी-एसटी के लिए आरक्षण की अवधि बढ़ाए जाने संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश

December 9, 2019No Comments2 Mins Read
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नई दिल्ली। सरकार ने अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) के लिए लोकसभा तथा राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण जारी रखने के लिए सोमवार को 126वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा।

लोकसभा में इस संविधान संशोधन विधेयक को पेश करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एससी-एसटी के लिए लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटें आरक्षित करने के लिए दी गई आरक्षण की व्यवस्था 25 जनवरी 2020 तक के लिए है। इसे दस साल के लिए और बढ़ाने के उद्देश्य से इस विधेयक को लाया गया है।

विधेयक का विरोध करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सौगत राय ने कहा कि इसके जरिए सरकार एंग्लों इंडियन के लिए लोकसभा में दो और राज्यों की विधानसभाओं में नौ सीटों पर नामांकन का प्रावधान समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू और संविधान निर्माता डॉ भीम राव अंबेडकर ने संविधान के अनुच्छेद 334 के माध्यम से एससी-एसटी और एंग्लों इंडियन के सीटें आरक्षित रखने का प्रावधान किया था। किंतु सरकार पिछले 70 साल से चले आ रही इस व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है।

विपक्ष के विरोध के बीच सदन में ध्वनिमत से इस विधेयक को पेश करने की मंजूरी दे दी गई।

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